गाजियाबाद। कोरोना के रोजाना नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। डीएम ने आदेश दिया है कि कंट्रोल सेंटर में लगाए गए अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से करें। इसमें ढिलाई या लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने मंगलवार को इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने नागरिकों से कोरोना काल में कंट्रोल रूम का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से कोविड को लेकर जनता की समस्याओं का निरंतर निराकरण हो रहा है। प्रत्येक दिन लगभग 120 कॉल्स इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम पर आ रही है। जन सामान्य द्वारा कोरोना महामारी के संबंध में अपनी समस्याएं संबंधित कंट्रोल रूम नंबर पर दर्ज कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी प्राप्त शिकायतों का निराकरण प्रतिदिन गंभीरता के साथ करा रहे हैं ताकि सभी जनपदवासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि अब कोविड-19 से संबंधित जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनकी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कंट्रोल रूम में समीक्षा की जाएगी। कंट्रोल रूम के लिए मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल को प्रभारी बनाया गया है। इसी प्रकार डॉक्टर से संबंधित बिंदुओं का अनुपालन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दायित्व सौंपा गया है एवं कंटेनमेंट जोन से संबंधित निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए अपर जिला अधिकारी नगर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने समस्त इंसिडेंट कमांडर को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित समस्त प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम में बेड आरक्षित रखने को अस्पताल प्रबंधन से समन्वय बनाए रखें। जिलाधिकारी ने कोविड-19 संजय नगर एल-2 अस्पताल का प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट को बनाया है तथा कोविड एल-1 संतोष मेडिकल कॉलेज का प्रभारी उप जिलाधिकारी सदर को बनाया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने कोविड-19 वैक्सीनेशन के संबंध में अपर जिलाधिकारी (भू.अ.) को प्रभारी बनाया है तथा टेस्टिंग ट्रीटमेंट का दायित्व अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिया है।
















