डीएम ने किया लोनी तहसील, विकास खंड कार्यालय में 50 लाख से अधिक कार्यो का निरीक्षण
गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने मंगलवार को लोनी क्षेत्र का रूख किया। वहां लोनी तहसील, विकास खंड कार्यालय और 50 लाख व इससे अधिक लागत की परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कमियां सामने आने पर डीएम ने मातहतों को फटकार भी लगाई। डीएम अजय शंकर पांडेय ने सर्वप्रथम विकास खंड कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां अभिलेखों को सुरक्षित रखे की की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अलमारी में रखे अभिलेखों की सूची बनाकर अलमारी के बाहर चस्पा की जाए। अभिलेखों के रख-रखाव में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
जिला विकास अधिकारी ने डीएम को बताया कि जनपद के सभी ब्लॉकों को आईएसओ प्रमाण पत्र मिल गया है। डीएम ने कहा कि आईएसओ के सभी मानकों को पूरा कराया जाए। कन्या सुमंगलम योजना, सामूहिक विवाह योजना, एनआरएलएम स्वास्थ्य मिशन एवं 35 शौचालयों के निर्माण कार्यों के बारे में भी डीएम ने विवरण जाना। शौचालयों का सत्यापन कराने और कमियों को तत्काल दूर कराए जाने के निर्देश दिए गए।
खंड विकास अधिकारी लोनी को सचेत किया गया कि वह उप-जिलाधिकारी/तहसीलदार द्वारा आयोजित बैठकों में अपरिहार्य कारणों को छोडकऱ स्वयं अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। निरीक्षण के दौरान एडीओ (कृषि रक्षा) बलजोत सिंह बीज वितरण के संबंध में सही सूचना उपलब्ध नहीं करा पाए। सूचना उपलब्ध न कराने और ऑफिस में देरी से आने की शिकायतों पर संज्ञान लेकर डीएम ने एडीओ के विरूद्ध कार्रवाई हेतु शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
लोनी तहसील के स्थलीय निरीक्षण में डीएम ने पाया कि आय एवं जाति प्रमाण पत्रों के आवेदन तय अवधि से अधिक लंबित हैं। इस पर लेखपाल ललित कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए। डीएम ने तहसीलदार को विरासत की दाखिल खारिज के आदेश पारित होने के उपरांत दो दिन के अंदर संपत्ति रजिस्टर एवं खतौनी में इंद्राज कराना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।















