-जिलाधिकारी ने आईएमए के पदाधिकारियों व नर्सिंग होम एसोसिएशन के साथ की बैठक
-मांग के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध, अफवाह न फैलाएं सप्लायर्स
गाजियाबाद। जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखकर बुधवार को आईएमए एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय से मुलाकात की। दोनों संस्थाओं ने जिलाधिकारी को विश्वास दिलाया कि वह जिला प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से मिलकर इस महामारी को परास्त करेंगे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न निर्णय लिए। डीएम ने टास्क फोर्स समिति का गठन किया है। टास्क फोर्स में अपर जिलाधिकारी (नगर) गाजियाबाद, डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. सतबीर सिंह व डॉ. राकेश कुमार गुप्ता को शामिल किया गया है। टास्क फोर्स को निर्देश दिए गए हंै कि वह निजी क्षेत्र के अस्पतालों और सरकार के बीच समन्वय बनाए रखेंगे और समस्याओं का निस्तारण कराएंगे। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जनपद मेंं ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा की। समीक्षा में पाया कि जनपद में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। सिर्फ एक-दो जगह निजी अस्पतालों में यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने अपनी मांग से ज्यादा ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में मरीजों को देखते हुए मांग की। इस संबंध में सभी निजी क्षेत्रों के अस्पतालों की मांग को निर्धारित कराया जा रहा है, जिससे ऑक्सीजऩ की उपलब्धता बराबर बनी रहे। इसके अलावा ऑक्सीजन गैस के सप्लायर्स को यह भी निर्देशित किया गया कि वह अनावश्यक रूप से अफवाहें न फैलाएं कि ऑक्सीजन उपलब्ध कम हो रही है और इस तरह की पैनिकता को भी जनपद में न फैलाएं। निजी क्षेत्रों के सभी अस्पतालों की मांग के अनुसार ऑक्सीजन की उपलब्धता कराई जा रही है। सभी निजी अस्पताल जिनके पास कम से कम 50 बेडों की उपलब्धता है, उन सभी अस्पतालों में 10-10 बेड आरक्षित करने के निर्देश डीएम ने दिए हैं तथा यह भी निर्देशित किया गया है कि वह अगले 2 दिन के अंदर यह कार्रवाई सुनिश्चित कर जिला प्रशासन को अवगत कराएं। जिला प्रशासन एवं आईएमए ने संयुक्त रूप से नागरिकों से यह अपील की है कि डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और डॉक्टर के परामर्श के उपरांत ही अस्पताल में भर्ती हों। अपने स्तर से सीधे अस्पताल में भर्ती न हों। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने बताया कि 1 मई 2021 से वैक्सीनेशन का कार्य जनपद में वृहत स्तर पर संचालित कराया जाएगा। इसके लिए सभी निजी अस्पतालों का सहयोग जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगा, जिससे वैक्सीनेशन लगाए जाने का कार्य आसानी से संपन्न हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि इंजेक्शन की अस्पतालों की मांग के अनुसार उपलब्धता 22 अप्रैल तक पूरी करा दी जाएगी।
















