भारत-सेशेल्स रिश्तों को नई सेहतमंद दिशा, डॉ. उपासना अरोड़ा की प्रधानमंत्री मोदी व राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात

-हैदराबाद हाउस में उच्चस्तरीय वार्ता, स्वास्थ्य सहयोग पर विशेष जोर
-समावेशी विकास, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता निर्माण पर चर्चा
-अस्पताल अवसंरचना व सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के प्रस्ताव

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद/नई दिल्ली। रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों में भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इसी क्रम में यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक और विकासात्मक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाने, विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं, समावेशी विकास, व्यापार, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं की पहचान पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवा इस बैठक का प्रमुख केंद्र रहा।

विचार-विमर्श में अस्पताल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाओं तक आमजन की पहुंच सुनिश्चित करने तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। यह भी चर्चा हुई कि भारतीय स्वास्थ्य संस्थान तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान के माध्यम से सेशेल्स की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बना सकते हैं। डॉ. उपासना अरोड़ा ने भारत की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन और विशेष चिकित्सा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

बैठक में समावेशी विकास की अवधारणा पर भी बल दिया गया, जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। डिजिटल परिवर्तन को स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का माध्यम बताया गया। भारत-सेशेल्स सहयोग का यह नया अध्याय हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संस्थागत साझेदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहयोग दोनों देशों के नागरिकों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं। यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय निजी स्वास्थ्य संस्थान वैश्विक स्तर पर सहयोग और क्षमता निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के अनुरूप यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।