ईओ ने डीएम से की शिकायत कहा, चेयरमैन और चेयरमैन प्रतिनिधि अनैतिक लाभ के लिए अड़ा रहे हैं अड़ंगा
गाजियाबाद। काम करना और उसके बदले वेतन पाना मौलिक अधिकार है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में, किसी भी कार्मिक का वेतन नहीं रोका जाना चाहिए, जो ऐसा करता है, उसके विरुद्ध आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। लेकिन नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर में इसका कोई ध्यान नही रखा जा रहा है। आरोप है कि नगर पालिका चेयरमैन की मनमानी के कारण स्थायी एवं आउट सोर्सिंग कार्मिकों को दिसम्बर-2020 का वेतन अभी तक नहीं मिल पाया है। अधिशासी अधिकारी (ईओ) द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद चेयरमैन ने वेतन बिलों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। आरोप है कि चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा अनैतिक डिमांड की जा रही है। अधिशासी अधिकारी ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की है।
नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर में चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बीच काफी समय से मतभेद चल रहा है। इसका खामियाजा स्थायी और आउट सोर्सिंग कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है। चेयरमैन रीना भाटी द्वारा वेतन बिलों पर भुगतान न करने के कारण इन कार्मिकों को दिसम्बर-2020 का वेतन तक नहीं मिल पाया है। डीएम को भेजे पत्र में अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना ने लिखा है कि वह वेतन बिलों पर हस्ताक्षर करने के लिए चेयरमैन से कई बार अनुरोध कर चुके हैं। पालिका के सहायक लेखाधिकारी द्वारा 12 जनवरी 2021 को कई बार वेतन बिल बाऊचर चेयरमैन के समक्ष रखे गए। जिस पर चेयरमैन ने हस्ताक्षर न कर 16 जनवरी को प्रश्नात्मक टिप्पणी की। जिस पर नियमानुसार निस्तारण आख्या अधोहस्ताक्षरी द्वारा अंकित कर दी गई थी। इसके बावजूद चेयरमैन द्वारा वेतन बिल पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। आउट सोर्सिंग फर्म द्वारा 21 जनवरी को अवगत कराया गया है कि चेयरमैन प्रतिनिधि योगेश भाटी द्वारा फर्म को लाभांश के रूप में देय संपूर्ण धनराशि की मांग, हस्ताक्षर से पूर्व नकद में की जा रही है। इसी कारण कार्मिकों के वेतन बिलों पर प्रश्नात्मक टिप्पणियां की जा रही हैं ताकि फर्म को दबाव में लेकर नकद वसूली की जा सके। फर्म द्वारा पालिका प्रशासन की अपेक्षानुसार कुशल कार्मिकों की आपूर्ति संतोषजनक की जा रही है। अधिशासी अधिकारी ने डीएम से इस प्रकरण में समुचित कार्रवाई करने की अपील की है।
















