गाजियाबाद। कूड़ा निस्तारण की समस्या का अब धीरे-धीरे निस्तारण शुरू हो गया है। मुरादनगर क्षेत्र के पाइप लाइन रोड के पास गांव महमूदाबाद-मकरेड़ा की जमीन पर लैंडफिल साइट के लिए नगर निगम द्वारा जमीन लीज पर ली है। जमीन मिलने के बाद शहर का कड़ा उठाने के बाद यहां पर भेजा जा रहा है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मकरेड़ा में किसानों से जमीन लीज पर ली गई है। यहां पर अब शहर में लगे कूड़े के ढेर से कूड़ा उठवाकर वहां पर भेजा जा रहा हैं। इससे शहर में कूड़े के ढेर कम होने लगे हैं। नगर निगम ने कॉलोनियों में सड़कों किनारे डंप कचरे को उठाकर साइट तक पहुंचाना शुरू कर दिया है, लेकिन पूरी तरह सफाई करने में अभी करीब एक सप्ताह लगेगा। निगम अभी भी कचरा निस्तारण के लिए जमीन का स्थाई समाधान नहीं कर पाया है। दरअसल,नगर निगम का वर्ष-1995 में गठन होने के बाद भी 26 साल बाद भी नगर निगम कचरा निस्तारण के लिए स्थाई जमीन का इंतजाम नहीं कर पाया है। कभी डूंडाहेड़ा तो कभी सिद्धार्थ विहार में डंपिंग ग्राउंड बनाया गया। यहां विरोध होने के बाद जमीन लीज पर लेकर सदरपुर, राजनगर एक्सटेंशन में लैंडफिल साइट बनाई गई। यहां कचरा डालने का विरोध हुआ तो अब महमूदाबाद-मकरेड़ा में जमीन लीज पर लेकर कचरा निस्तारण कराया गया। यहां भी ग्रामीण विरोध करने लगे हैं। इसके विरोध में क्षेत्र के लोगों ने गांव भिक्कनपुर में पंचायत कर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। सोमवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय शिखा शुक्ला को किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। नगर निगम को कचरा निस्तारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एवं संपत्ति प्रभारी आरएन पांडेय का कहना है कि पिलखुवा के गांव गालंद में 5 एकड़ जमीन पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाएगा। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग गालंद में पांच एकड़ जमीन पर कचरा निस्तारण प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले निगम अधिकारी इस जमीन पर बाउंड्रीवॉल कराएगा। बाउंड्रीवॉल कराने का काम जल्द ही शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों के साथ वार्ता कर जल्द बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
















