अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए का एक्शन

कई स्थानों पर सीलिंग, कई जगह ध्वस्तीकरण

गाजियाबाद। जीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बगैर नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण करने पर कार्रवाई की जा रही है। जीडीए के अधिशासी अभियंता आलोक रंजन की अगुआई में सहायक अभियंता आरबी सिंह एवं अवर अभियंता, जीडीए पुलिस की मौजूदगी में राजेंद्र नगर में बिल्डिंग में अवैध तरीके से बनाए गए 10 निर्माण को सील कर दिया गया।

प्रवर्तन प्रभारी आलोक रंजन ने बताया कि 10 अवैध निर्माण को सील किया गया। चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा सील तोड़कर निर्माण किया गया तो पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान भूखंड संख्या बी-44, ए-119 शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2,2/29, 2/117, राजेंद्र नगर सेक्टर-2, प्लॉट नंबर-120 व 122 वृंदावन गार्डन, प्लॉट संख्या-60 व 122 राधेश्याम पार्क, 2/51 राजेंद्र नगर सेक्टर-5, भूखंड संख्या-130 श्याम पार्क मेन में अवैध निर्माण को सील किया गया। वहीं, जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी ओएसडी संजय कुमार के नेतृत्व में सहायक अभियंता राकेश कुमार सिंह, अवर अभियंता योगेंद्र कुमार, योगेंद्र कुमार वर्मा, चंद्रप्रकाश, रामरूप सिंह चौहान, जीडीए पुलिस की मौजूदगी में मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में करीब 40 हजार वर्ग मीटर जमीन में काटी जा रही अवैध कॉलोनी में जेसीबी मशीन चलाकर भूखंडों की बाउंड्रीवाल आदि अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।

जीडीए ओएसडी संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को टीम के साथ जोन क्षेत्र अंतर्गत राजेंद्र यादव, नवीन यादव ने खसरा नंबर-701 शाहपुर रोड दुहाई मुरादनगर में करीब 20 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनी में भूखंड, महेश त्यागी ने खसरा नंबर-77 असालतनगर मोदीनगर में करीब 8 वर्ग मीटर में अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। दिल्ली-मेरठ हाइवे से सटे डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट के सामने 3500 वर्ग मीटर, एसआरएम यूनिवर्सिटी के सामने 9000 वर्ग मीटर में सड़क बनाने के लिए मिट्टी भराई का कार्य करने पर ध्वस्त की गई। महेंद्रपाल सिंह पुत्र बोदल सिंह, जितेंद्र सिंह पुत्र भंवर सिंह ने भिक्कनपुर गांव के पास रैपिड रेल डिपो के नजदीक अवैध रूप से बनाई गई 12 दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचने वाले एवं निर्माण करने वालों ने जमकर विरोध किया, मगर पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया।