हाईकोर्ट में याचिका के बावजूद जीडीए ने की नीलामी 

साढ़े 5 करोड़ में बेचे गए 31 डुप्लेक्स

गाजियाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बावजूद जीडीए ने शनिवार को कर्पूरीपुरम के स्टाफ क्वॉर्टरों को नीलामी में बेच दिया। हालांकि कोर्ट ने याचिका पर स्टे नहीं दिया है। इस प्रकरण में अदालत ने जीडीए अधिकारियों से जवाब मांगा है। इस प्रकरण में 4 जनवरी को सुनवाई होगी। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा के आदेश पर लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में नीलामी का आयोजन किया गया।

जीडीए के फाइनेंस कंट्रोलर सूबेदार सिंह की अध्यक्षता एवं अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी सहायक अभियंता मनोज कुमार सागर आदि की मौजूदगी में दोपहर साढ़े 12 से शाम साढ़े 4 बजे तक खुली बोली के तहत नीलामी की गई। वित्त नियंत्रक सूबेदार सिंह ने बताया कि नीलामी में कर्पूरीपुरम के जीडीए स्टाफ के 76 डुप्लेक्स को बेचने के लिए रखा गया था। इनमें से नीलामी में 31 डुप्लेक्स को बेचा गया। यह फ्लैट करीब 5.50 करोड़ रुपए में बेचे गए।

हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले जीडीए के बाबू महेंद्र कुमार शर्मा ने अपने बेटे के नाम से नीलामी में एक डुप्लैक्स खरीद लिया। जीडीए के स्टाफ क्वॉर्टरों को बेचने के लिए नीलामी में रखा गया था, जिसमें बढ़ी संख्या में जीडीए के कर्मचारी इन क्वॉर्टरों को खरीदने की कोशिश में लगे रहे। वहीं, नीलामी में रजिस्ट्रेशन को लेकर भी कर्मचारियों के बीच जमकर हंगामा हुआ। रजिस्ट्रेशन का समय सुबह 11 बजे तक था, 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे लेकर हिंदी भवन सभागार में जमकर हंगामा मचा। बीच-बचाव करने के लिए जीडीए की पुलिस को आना पड़ा। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एके मालवीय ने बताया कि जीडीए ने कर्पूरीपुरम में महेंद्र कुमार शर्मा को स्टाफ क्वॉर्टर केए-42 का आवंटन किया था। जीडीए की बोर्ड बैठक में पूर्व में प्रस्ताव पास किया गया था कि कर्पूरीपुरम के स्टाफ क्वार्टरों को जीडीए नीलामी में बेचेगा। जीडीए कर्मचारियों को 8 दिसंबर को सार्वजनिक नोटिस भी जारी किए गए थे।