गाजियाबाद में जीडीए का बुलडोजर ऑपरेशन: कनावनी की 800 करोड़ की भूमि अतिक्रमण से मुक्त

-रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध कब्जेदारों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, जीडीए को मिलेगा करोड़ों का राजस्व

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्रवाई करते हुए इंदिरापुरम के कनावनी क्षेत्र में अवैध रूप से कब्जाई गई करीब 10 हेक्टेयर (1 लाख वर्ग मीटर) जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराकर अपने अधिकार में ले लिया। इस जमीन की बाजारू कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई न सिर्फ जीडीए के इतिहास की सबसे बड़ी भूमि मुक्ति कार्यवाही मानी जा रही है, बल्कि इससे प्राधिकरण को आने वाले समय में आवासीय भूखंडों की बिक्री से बड़ा राजस्व भी प्राप्त हो सकता है।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर जोन-6 के अधिशासी अभियंता आलोक रंजन की अगुवाई में, दो कंपनी पीएसी, इंदिरापुरम थाना पुलिस और जीडीए की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को तड़के यह ऑपरेशन शुरू किया। जोन प्रभारी आलोक रंजन ने बताया कि कई वर्षों से इस बहुमूल्य भूमि पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा झुग्गी-झोपड़ी डालकर अवैध कब्जा कर लिया गया था।

साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने भी व्यवसायिक गतिविधियां और स्थायी निर्माण खड़े कर रखे थे। यह जमीन जीडीए द्वारा विधिवत अधिग्रहित की गई थी और इस पर कब्जे की लगातार शिकायतें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय पार्षदों द्वारा की जा रही थीं। करीब 1 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में फैली झुग्गी बस्ती, जिसमें सैकड़ों अवैध झोपडिय़ाँ, कई पक्के निर्माण, गैरकानूनी दुकानें और गाडिय़ां मौजूद थीं उन्हें जीडीए के बुलडोजरों ने ढहा दिया। भारी संख्या में सुरक्षा बल की मौजूदगी के चलते अतिक्रमणकारियों का विरोध भी विफल रहा और पूरी कार्रवाई बिना किसी बाधा के संपन्न हुई। यह जमीन सरकारी संपत्ति है जिसे हम योजनाबद्ध विकास के लिए उपयोग में लाएंगे। अतिक्रमणकारियों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई संदेश है कि जीडीए की जमीन अब सुरक्षित है।

आर्थिक विकास तथा नियोजन की रूपरेखा
जीडीए की योजनाओं के अनुसार, इस भूमि को दिल्ली से सटे आवासीय भूखंडों में विकसित किया जाएगा, जहां आम नागरिक और परिवार स्वास्थ, शिक्षा व रोजगार की प्राथमिक सुविधाओं के साथ जमीन खरीद सकेंगे। इससे राजस्व में अनुमानित 800 करोड़ की इजाफा होगा। परियोजना की प्रथम योजनाबद्ध चरण में भूखंडों की पैमाइश व नियोजन योजना तैयार की जाएगी।

आरोपी गुटों की सक्रियता
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जमीन पर रोहिंग्या व बांग्लादेशी समूहों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा था। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों ने व्यवसायिक गतिविधियाँ, प्लॉट निर्माण और दलाली का नेटवर्क बना लिया था। अभियान के दौरान कब्जेदारों ने विरोध-प्रदर्शन किया लेकिन भारी पुलिस और पीएसी बल की उपस्थिति ने स्थिति नियंत्रित रखी।

भविष्य की योजना
-तुरंत पिलर और तारबंदी की जाएगी
-भविष्य में नियोजित कॉलोनी या आवासीय योजनाएं लाई जाएंगी
-भूखंडों की बिक्री से अनुमानित 800 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होगा
-जमीन की फेज-वाइज प्लानिंग कर दिल्ली एनसीआर के लोगों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे
-जरूरतमंदों को दिल्ली के निकट आवासीय भूखंड का अवसर
-जीडीए को राजस्व बढ़ोतरी के साथ योजनाबद्ध शहरी विस्तार में मिलेगी रफ्तार

यह सिर्फ कार्रवाई नहीं, भविष्य का निर्माण है
जीडीए के बुलडोजर कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी संपत्ति पर कोई भी कब्जा अब ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगा। यह ऑपरेशन उत्तर प्रदेश में शहरी विकास और कड़े प्रशासनिक फैसलों की एक मिसाल बन गया है।