ग्राम मोरटा में अवैध निर्माण पर चला जीडीए का बुलडोजर

-जीडीए की कार्रवाई से कॉलोनाइजर्स और बिल्डरों में मचा हड़कंप

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से काटी जा रही अवैध कॉलोनी और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। जीडीए लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। लोग संपत्ति खरीदते समय विक्रेता से नक्शा पास संबंधित अभिलेख जरूर देख लें। बिना विकास प्राधिकरण की अनुमति के अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। जीडीए की लगातार कार्रवाई के बाद से कॉलोनाइजर्स और बिल्डरों में हड़कंप मचने लगा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर शनिवार को प्रवर्तन जोन-1 प्रभारी ओएसडी कनिका कौशिक ने क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान ग्राम मोरटा के खसरा संख्या-1104 पर मनोज त्यागी द्वारा लगभग 6000 वर्ग गज में सड़क निर्मित करने के लिए मिट्टी भराई व भूखण्ड के डिमार्केशन का अवैध निर्माण एवं नितिन चौधरी, अखिलेश त्यागी व विकास त्यागी द्वारा ग्राम मोरटा के खसरा संख्या-1157, 1160, 1161 में लगभग 18 बीघा जमीन पर अनाधिकृत रूप से निर्मित की जा रही अवैध कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। प्रवर्तन जोन-1 प्रभारी ओएसडी कनिका कौशिक ने बताया जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध निर्माण पर रोक लगाने और उस पर सतत नजर रखने के लिए निरीक्षण भी किया जा रहा है।

इसके साथ ही सील की गई बिल्डिंगों पर जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही जोन से संबंधित सहायक अभियन्ता, अवर अभियंता एवं सुपरवाईजर स्टाफ को निर्देशित किया यह ध्यान रखें कि अवैध निर्माण पर सतत निगरानी रखते हुए उक्त अवैध निर्माण कार्य दोबारा न होने पाए। जीडीए द्वारा लगातार अवैध निर्माण के विरूद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी। वहीं निर्माणकर्ताओं/ विकासकर्ताओं को निर्देश दिए जीडीए सीमा क्षेत्र की भूमि पर विधिवत मानचित्र स्वीकृत के अनुसार ही निर्माण कराया जाए।

जीडीए ओएसडी कनिका कौशिक ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अवैध रूप से जमीन कब्जा कर काटी जा रही कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा न फंसाए, नहीं तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। अगर किसी ने कॉलोनाइजर से अवैध कॉलोनी में फ्लैट खरीद लिया है, तो रजिस्ट्री का प्रपत्र लेकर जीडीए से उसकी शिकायत करें। उन्होंने कहा कि जीडीए सीमा क्षेत्र में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क करें। इसके बाद ही अपनी मेहनत का पैसा लगाएं।