गाजियाबाद की बदलेगी सूरत- ‘ग्रेटर’ रूप में होगा नया उदय

  • भविष्य की सोच के साथ तैयार हो रही है विकास की ब्लूप्रिंट, नगर आयुक्त ने संभाली कमान
  • संपत्ति विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों संग की बैठक, क्षेत्र विस्तार पर चली कलम
  • लोनी, खोड़ा, नगर पालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़कर तैयार हो रहा है नया विकास खाका
  • नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में प्रशासनिक और निगम अधिकारियों की अहम बैठक, शहर विस्तार की बड़ी योजना पर तेजी से काम शुरू
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद अब अपने नए स्वरूप की ओर बढ़ चला है। नगर निगम को ग्रेटर गाजियाबाद नगर निगम के रूप में विस्तारित करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया अब सक्रिय चरण में प्रवेश कर चुकी है। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में गुरुवार को निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें शहर के भौगोलिक, प्रशासनिक और विकासात्मक विस्तार पर ठोस रणनीति तैयार की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रणविजय सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, संपत्ति विभाग की टीम, निगम के अभियंता एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर नक्शे पर संभावित विस्तार क्षेत्रों पर गहन मंथन किया। गाजियाबाद नगर निगम के विस्तार के तहत खोड़ा, लोनी, विजयनगर, मोदीनगर, मुरादनगर, और अन्य ग्रामीण व नगर पालिका क्षेत्र अब ग्रेटर गाजियाबाद की छतरी के नीचे आने को तैयार हैं। इससे न केवल क्षेत्रफल में वृद्धि होगी बल्कि सभी इलाकों में एक समान सुविधाएं और योजनाएं लागू हो सकेंगी। नगर आयुक्त ने कहा कि यह केवल नक्शे का विस्तार नहीं, बल्कि जनता को बुनियादी सुविधाओं से जोडऩे और विकास को गति देने की पहल है। यह अभियान हर नागरिक की जि़ंदगी से जुड़ा है।
विकास की गति होगी दोगुनी – स्मार्ट सुविधाएं होंगी आम
ग्रेटर गाजियाबाद बनने के बाद पूरे क्षेत्र में सड़क, सीवरेज, लाइटिंग, कचरा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस, और डिजिटल सेवा केंद्रों का जाल बिछाया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और जल प्रबंधन में भी व्यापक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में मुख्य बिंदु तैयार किए गए, जिनमें हर क्षेत्र में समान कराधान प्रणाली लागू करना, संपत्ति कर, हाउस टैक्स और अन्य राजस्व सुधार, अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण, सार्वजनिक शौचालय, पार्क, स्ट्रीट लाइट व स्मार्ट कैमरे की सुविधा, ट्रैफिक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर नया मास्टरप्लान बनाया गया।
तेजी से चल रहा है प्रशासनिक पत्राचार और विभागीय समन्वय
प्रशासन और नगर निगम के सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी विस्तार को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दस्तावेज़, नक्शे, राजस्व डाटा और सार्वजनिक संरचनाओं की सूची तैयार करें। इसके लिए संपत्ति विभाग विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बैठक में लिए अहम निर्णय लिए गए जिनमें संभावित क्षेत्रों का जमीनी सर्वेक्षण जल्द पूरा किया जाएगा, नागरिकों को विस्तार से सूचित करने और सुझाव लेने के लिए जनसंवाद, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की प्राथमिकताओं को शामिल करते हुए विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है।
‘ग्रेटर’ विजन से बदलेगा गाजियाबाद का भविष्य
ग्रेटर गाजियाबाद की यह पहल न केवल एक शहरी पहचान का विस्तार है, बल्कि यह शहर को एक नए गवर्नेंस मॉडल और स्मार्ट सुविधाओं से लैस करने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इससे न केवल निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे बल्कि गाजियाबाद की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी बल मिलेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक परिवर्तन नहीं है, यह गाजियाबाद की नयी दिशा और दशा तय करने का क्षण है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा गाजियाबाद बनाना है जो ‘ग्रेटर’ सिर्फ नाम से नहीं, काम से भी हो।
विस्तार के साथ आएगा इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और सेवाओं में सुधार
ग्रेटर गाजियाबाद की अवधारणा केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक विजन डॉक्यूमेंट है जिसमें समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार, बेहतर परिवहन व्यवस्था, साफ-सफाई, स्मार्ट नगर प्रबंधन और नागरिक सेवाओं को आधुनिक रूप देना शामिल है।
शहर का बढ़ेगा दायरा, विकास को मिलेगी नई ऊंचाई: नगर आयुक्त
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।
गाजियाबाद अब केवल शहर नहीं, एक विज़न बनने जा रहा है। ग्रेटर गाजियाबाद की अवधारणा केवल भौगोलिक विस्तार नहीं, बल्कि जन-सुविधाओं, स्मार्ट व्यवस्थाओं और एक समावेशी भविष्य की नींव है। हम हर विभाग को जोड़कर, हर नागरिक को साथ लेकर गाजियाबाद को वह पहचान देने जा रहे हैं, जिसकी वह वर्षों से प्रतीक्षा कर रहा था। ग्रेटर गाजियाबाद केवल एक नया नाम नहीं होगा, यह विकास की एक नई परिभाषा बनेगा – जहां योजनाएं कागज से निकलकर ज़मीन पर उतरेंगी और हर नागरिक तक पहुंचेंगी। हमारा प्रयास है कि कोई इलाका विकास से वंचित न रहे और गाजियाबाद को उत्तर भारत के सबसे बेहतरीन नगरों में अग्रणी बनाया जाए।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।