-गंभीरता से सुनी जा रहीं हर वर्ग की समस्याएं, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए फर्जी निस्तारण पर सख्त निर्देश
-फर्जी निस्तारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, हर शिकायतकर्ता से लिया जाए फीडबैक: रविन्द्र कुमार माँदड़
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई जनसुनवाई में बुधवार को भी बड़ी संख्या में प्रार्थी पहुंचे। जनसुनवाई का यह क्रम अब जिले में एक जन-आस्था का मंच बनता जा रहा है, जहां हर वर्ग का व्यक्ति अपनी समस्या लेकर आ रहा है और जिलाधिकारी स्वयं उसे सुन रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से यह देखा जा रहा है कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि जनता को प्रशासन पर भरोसा है और लोग अपनी शिकायतों व समस्याओं का समाधान इसी माध्यम से चाहते हैं। जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का फर्जी निस्तारण हरगिज़ न किया जाए। शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी हकीकत में दिखाई देना चाहिए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, वहां अधिकारी खुद मौके पर जाएं और शिकायत का न्यायपूर्ण समाधान करें। शिकायत निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अगर उसे संतुष्टि नहीं मिलती, तो निस्तारण का कोई मतलब नहीं। हमारी प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति को न्याय मिले। बारिश और यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर एडीएम एफ/आर सौरभ भट्ट से विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, लेकिन यदि भविष्य में कोई स्थिति बनती है तो प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लालकुआं पुल के नीचे होने वाले जलभराव और नेशनल हाईवे से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान कराया जाए। इस मामले में उन्होंने एनएचएआई व नगर निगम अधिकारियों से सीधे वार्ता करने की बात कही। जनसुनवाई के दौरान हिंडन नदी की स्वच्छता और सुंदरता पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े स्तर पर कार्यवाही होना जरूरी है, लेकिन जब तक ऐसा नहीं होता, हमें छोटे-छोटे स्तर पर काम करते रहना होगा। हमारा प्रयास होगा कि हिण्डन नदी की छवि बदल सके और यह फिर से स्वच्छ और सुंदर दिखे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हिण्डन नदी किनारे नियमित सफाई अभियान चलाए जाएं, आसपास के क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों और स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। इस दौरान प्रार्थियों ने कई मुद्दे जिलाधिकारी के सामने रखे, जिनमें नगर निगम से जुड़ी समस्याएं, पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें, जीडीए (गाजियाबाद विकास प्राधिकरण) की योजनाओं से जुड़ी दिक्कतें, विद्युत आपूर्ति और बिलिंग संबंधी परेशानियां, स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही दिक्कतें, राजस्व विभाग से संबंधित भूमि व अन्य मामलों की शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम ई रणविजय सिंह, जीडीए सचिव राजेश सिंह, एडीएम एल/ए विवेक मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, एडीएम लोनी दीपक,
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अयान जैन, एसीएम राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे। इस जनसुनवाई ने एक बार फिर साबित किया कि गाजियाबाद प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर और संवेदनशील है। जिलाधिकारी का यह प्रयास प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत कर रहा है।
















