सुरक्षित जीवन के लिए जलवायु संकट के प्रति रहना होगा सजग: शुभांग अरोड़ा

गाजियाबाद। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2022 के अवसर पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शुभांग अरोड़ा का कहना है कि एक तरफ जहां दुनिया इस समय खतरनाक बीमारियों एवं संक्रमण का सामना कर रही है, वहीं दूसरी ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2022 के विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य रखा जाना बिल्कुल सही संदर्भ में है।

इसलिए हम सब को जागरूक होकर अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान रखना चाहिए। यही हम सबका बुद्धिमत्ता भरा निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल एवं स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों के साथ-साथ सभी लोगों को इस पृथ्वी को मनुष्य के सही प्रकार से जीवन यापन के लिए रहने योग्य बनाने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाना चाहिए, उनको उठाने का यह सही समय है।

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में हर साल 13 मिलियन से अधिक मौतें पर्यावरण से जुड़े मामलों से होती हैं, जिन्हें हम सब मिलकर टाल और टलवा सकते हैं। उन्होंने इस जलवायु संकट को, जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए एक बड़े संकट एवं खतरे के रूप में उभर रहे हैं, उसे हम सजग रहकर और अपनी भागीदारी बढ़ाकर बचा सकते हैं। ये जलवायु और प्रकृति संकट, निश्चित रूप से आपस में जुड़े हुए हैं।

जिस तरह से हम भोजन, ईंधन और खुद कपड़े पहनते हैं, उसके माध्यम से हम प्रकृति पर दबाव डाल रहे हैं, दोनों ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को बढ़ा रहे हैं और मानव इतिहास में अभूतपूर्व दरों पर जैव विविधता गायब हो रही है। जंगल की आग, बाढ़ और चरम मौसम ने गर्म जलवायु से उत्पन्न जोखिमों के लिए हमारी आंखें खोल दी हैं।
जलवायु कार्रवाई और इंसानी सेहत के परस्पर जुड़ाव को रेखांकित करने से ग्लोबल वॉर्मिंग पर काबू पाने के लिए जिस बदलाव की जरूरत है, उसे गति मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन की लड़ाई के इरादे और रफ्तार में जो बदलाव चाहिए, वो भी इसी से आएगी।