राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को जीडीए परिसर में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

-महापुरुषों के आदर्शों और योगदान को याद कर अधिकारियों ने किया माल्यार्पण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 121वीं जयंती के अवसर पर गुरूवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी अधिकारियों ने उनके जीवन, आदर्श और योगदान को याद करते हुए उनसे प्रेरणा लेने पर जोर दिया। सभा के दौरान जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, ओएसडी राजीव रतन सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक, चीफ इंजीनियर आलोक रंजन सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और आत्मबल के माध्यम से देश को स्वतंत्रता दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। उनका जीवन आज भी विश्वभर में शांति, नैतिकता और मानवता के प्रतीक के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करता है।

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अपने नेतृत्व और जय जवान-जय किसान के उद्घोष के माध्यम से देश के किसानों और सैनिकों का सम्मान बढ़ाया। सभा में उनके जीवन और सादगीपूर्ण नेतृत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन देशभक्ति, सेवा भावना और ईमानदारी का जीवंत उदाहरण है, जिसे युवाओं सहित सभी नागरिकों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। जीडीए के अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों को महापुरुषों के आदर्शों और मूल्यों पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सत्य, अहिंसा, ईमानदारी और सेवा भावना जैसे उन मूल्यों की याद दिलाता है, जिन पर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन आधारित था।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि इन आदर्शों को अपनाकर ही हम राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकते हैं। जीडीए परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अधिकारियों और कर्मचारियों ने महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक उत्तरदायित्व और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना हर व्यक्ति का दायित्व है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों ने महापुरुषों के आदर्शों और उनके जीवन संदेश को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा ली। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के मूल्यों को अपनाकर ही हम एक विकसित, स्वच्छ और मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकते हैं। इस अवसर पर अधिकारियों ने यह भी कहा कि महापुरुषों के आदर्श केवल याद करने के लिए नहीं होते, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाना ही असली श्रद्धांजलि है। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना, सेवा भावना को बढ़ावा देना और समाज को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।