वसुंधरा में शाम में फ्यूज उड जाये तो अगले दिन सुबह होगी मरम्मत

-बीते रविवार की रात सेक्टर-1 के जागृति सोसायटी में शाम छह बजे की शिकायत पर समाधान नहीं

उदय भूमि ब्यूरो, साहिबाबाद।
वसुंधरा में इन दिनों बिजली की व्यवस्था पर योगी सरकार नहीं बल्कि जेई सरकार हावी है। यह बात आपको कुछ अटपटी जरूर लग रही होगी, पर यह हकीकत है। खासकर वसुंधरा सेक्टर-16 के बिजली शिकायत केंद्र की बात करें तो यहां पर शाम ढलने पर उपभोक्ताओं को ऑनलाइन या आफलाइन शिकायत दर्ज कराने पर भी समय पर समाधान नहीं मिल पाता है। पिछले दिनों रविवार की शाम सेक्टर-1 के उपभोक्ता अभय सिंह सहित कईयों ने उपरोक्ता शिकायत केंद्र पर संपर्क करके अपनी सोसायटी में करीब 100 घरों में बिजली नहीं आने की शिकायत की, पर इस पर गौर नहीं किया गया, बार-बार संपर्क करने पर केंद्र पर तैनात कर्मी ने दो टूक जवाब दिया कि रात में फयूज नहीं ठीक होगा, यह काम दिन में होता है, अगर रात में तार टूट गया हो या फिर अगलगी में ही लाइनमैन जाते है, उपभोक्ता को केंद्र से संतोशप्रद जवाब नहीं मिलने पर सेक्टर-16 के बिजली शिकायत केंद्र के जेई से संपर्क का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा, शायद शाम होने पर उप्र शासन ने फोन नहीं उठाने का आदेश दे रखा हो, उपभोक्ता के केंद्र के कर्मी और जेई से काम नहीं निकलने पर बडे अफसरों को शिकायत करनी पडी, आधी रात के बाद उपभोक्ताओं की मेहनत रंग लायी और लाइनमैन आकर बिजली मरम्मत किये, उपभोक्ता श्याम लाल, सुंदर चौहान, राकेश चौधरी आदि ने बताया कि सेक्टर-16 के बिजली शिकायत केंद्र में अफसर व कर्मी की मनमानी के खिलाफ उपभोक्ताओं की काफी नाराजगी है, पर इस पर आला अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, उनके द्वारा लिखित शिकायत का हवाला दिया जाता है, जबकि वे खुद अपने मॉनीटरिंग करने वाले सिस्टम से संबंधित के कामकाज की समीक्षा कर सकते हैं, केंद्र के शिकायत फोन नंबर व जेई के मोबाइल नंबर पर आये हुए कॉल डिटेल की जांच कर हकीकत को समझा जा सकता है, सेक्टर-1 के जागृति सोसायटी सहित आसपास तार की जर्जरता से इसके टूटने की घटना होती रहती है, इस पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है, उपभोक्ताओं की मांग है कि सेक्टर-16 के बिजली शिकायत केंद्र की जांच करें और उचित कार्रवाई की जाये।
सेक्टर-1 में खूब हो रही बिजली चोरी
सेक्टर-1 में खाली प्लॉट पर बनी झुग्गी झोपडी में अवैध बिजली कनेक्शन हैं, इस पर संबंधित अफसरों का कोई ध्यान नहीं है, उनके द्वारा बिजली चोरी करवाई जा रही है, बिजली चोरी को लेकर भवन मालिकों के खिलाफ तो अभियान चलाया जाता है, पर इन पर नहीं, जबकि आपको हैरानी होगी कि इन साधारण दिखने वाले झुग्गी में बिजली चालित सभी तरह के उपकरण चलाये जाते हैं, कईयों में तो ई-रिक्शा चार्ज करने का भी धंधा चल रहा है।
अनावश्यक शटडाउन से सेक्टर-1 में सबसे अधिक बिजली की आंख मिचैली
सेक्टर-1 में लो वोल्टेज से लेकर बढे हुए लोड के आधार पर ट्रांसफार्मर का सर्वे नहीं किया गया है, नतीजतन कई बार इनकी खराबी से कईयों घंटे मरम्मत के नाम पर बिजली की आंख मिचैली होती है, इसकी जांच केंद्र के शटडाउन रजिस्टर से पता लग सकता है, मरम्मत के नाम पर खुब शटडाउन लिया जा रहा है, इन अनावश्यक शटडाउन के कारण उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है और उपकरण भी खराब हो रहे हैं।