-शहर में 4.80 लाख कर दाताओं पर 95 करोड़ रुपए से ज्यादा का कूड़ा शुल्क बकाया
गाजियाबाद। नगर निगम के लिए शहर से कूड़ा शुल्क लगभग 90 करोड़ रुपए वसूलना बड़ी चुनौती दिख रहा है। हाल यह है कि चार साल में सिर्फ 5.50 करोड़ रुपए की ही वसूली हो पाई है। निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी लोग शुल्क जमा नहीं कर रहे है।ऐसे में नगर निगम की फंड की कमी दूर नहीं हो रही है। शहर के सभी 100 वार्डों में निगम द्वारा कूड़े का गाडिय़ों से उठान कर रहा है। इसके लिए करीब 200 कूड़ा गाडिय़ा निजी कंपनी की हैं। जबकि 100 गाडि़य़ां निगम की कूड़ा उठा रही है। चार साल से कूड़ा गाडिय़ों से कूड़़े का उठान किया जा रहा है।नगर निगम के सभी पांचों जोनल कार्यालयों से कूड़ा शुल्क की वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बावजूद इसके बहुत कम ही लोग कूड़ा शुल्क जमा कर रहे हैं।
नगर निगम के शहर में 4.80 लाख कर दाताओं पर 95 करोड़ रुपए से ज्यादा का कूड़ा शुल्क बकाया है। इनमें से पांच करोड़ रुपए की वसूली हो सकी है।नोटिस जारी होने के बाद भी टैक्सदाता कूड़ा शुल्क जमा नहीं कर रहे है। इनसे वसूली करना अब चुनौती बनता दिख रहा है। निगम ने कूड़ा शुल्क वसूलने के लिए जिस निजी कंपनी को लगाया है। उस पर विवाद है। महापौर सुनीता दयाल कंपनी के काम से खुश नहीं हैं। उन्होंने एक जोन में कंपनी से वसूली का काम बंद करा दिया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि कूड़ा यूजर चार्ज वसूलने के लिए सभी पांचों जोन में अभियान चलाया जाएगा। ताकि वसूली बढ़ाई जा सकें।
















