ठगराजों के निशाने पर बेरोजगार, आपदा को बना रहे अवसर

नौकरी लगवाने का झांसा देकर करोड़ो की कर चुके ठगी

एसपी सिटी की सर्विलांस टीम और शहर कोतवाली पुलिस ने पांच ठगों को दबोचा

गाजियाबाद। नौकरी का झांसा देने वाले ठगराजों ने भी आपदा को अवसर बना लिया है। वैश्विक बीमारी कोरोना और लॉकडाउन के चलते रोजगार, व्यापार तथा उद्योग धंधे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसकी वजह से जहां शादी-विवाह सहित अन्य आयोजनो पर कई दिनो तक रोक लगी रही वहीं रेल, बस सरीखे आवागमन के कई सांधन बंद करने पड़े हैं। जिससे बड़ी संख्या मे लोगों को अपनी नौकरियां और आय खोनी पड़ी है। आपदा को अवसर बना कर ठगराजों ने नया गोरखधंधा शुरू कर दिया है। इन जालसाजों के निशाने पर वे युवा, बेरोजगार और मजदूर हैं जो महामारी की वजह से आर्थिक विवशता झेल रहे हैं। ऐसी ही एक गिरोह का पर्दाफास एसपी सिटी की सर्विलांस टीम और शहर कोतवाली पुलिस ने किया है। जो नौकरी लगवाने का झांसा देकर हजारों लोगों से करोड़ो रूपए की ठगी कर चुके है। एसपी सिटी की सर्विलांस टीम और शहर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से पांच ठगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने 9 नये सिम कार्ड, 8 पुराने सिम कार्ड, चेक बुक, बारह में मोबाइल, 8 एटीएम कार्ड, डायरी, तीन मोहर, लैपटॉप और फर्जी नियुक्ति पत्र के अलावा पांच हजार रुपए की नकदी बरामद की है। सोमवार को अपने कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र एवं घंटाघर कोतवाली एसएचओ संदीप कुमार सिंह की मौजूदगी में बताया कि टीम ने सोमवार सुबह चौधरी मोड़ से नितेश वह मुकेश गिरी निवासी नोएडा, चंदन निवासी औरैया, दुर्गेश गिरी निवासी बिहार और महेंद्र सिंह निवासी इटावा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में ठगों ने बताया कि हम लोग जॉब्स मोंस्टर डोट कॉम और एविवा इंश्योरेंस कंपनी का ऑनलाइन जॉब साइट्स आदि से नौकरी व पॉलिसी मैच्योरिटी की जरूरत रखने वाले लोगों का डाटा तथा उनका वर्किंग प्रोफाइल जानकर उनके नंबर पर कॉल करते थे। फिर उनको बताते थे कि हमारे पास आपकी जॉब प्रोफाइल के अनुरूप काफी जरूरत के हिसाब से बेहद नौकरी का अवसर है। कस्टमर को भरोसे में लेकर उसे जॉब रजिस्ट्रेशन के नाम पर किसी भी फर्जी अकाउंट में ऑनलाइन रकम डलवा लेते थे तथा फिर उन्हें एटीएम कार्ड से ट्रांजैक्शन कर रकम निकाल लेते थे। सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया पकड़े गये आरोपित पिछले कई वर्षो से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। जो कि हजारों लोगों से करोड़ो रूपए की ठगी कर चुके है। जिनका अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। आरोपित ठगों ने पूछताछ के दौरान ऑनलाइन फ्रॉड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी है। जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और अपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।