-कांवडिय़ों के लिए प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर में निगम की होगी पुख्ता व्यवस्था: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-निगम अधिकारियों संग दुधेश्वर नाथ मठ मंदिर की तैयारियों का लिया जायजा
-5 लाख से अधिक शिव भक्तों द्वारा जलाभिषेक की संभावना: महंत नारायण गिरी
गाजियाबाद। नगर निगम ने कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न सम्पन्न कराने के लिए कांवड़ मार्ग पर साफ-सफाई एवं व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। शिव भक्तों के सादर सत्कार के लिए नगर निगम ने तैयारी तेज कर दी है। कांवडिय़ों की सेवा में किसी प्रकार की कोई कमी ना रहे इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के साथ शहर के प्राचीन सिद्वपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवडिय़ों एवं श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले जलाभिषेक को लेकर नगर निगम ने अब तैयारी तेज कर दी है। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले श्रृद्धालुओं को इस बार किसी भी प्रकार की दिक्कत नही होगी। कांवड़ यात्रा में शिव भक्तों की सुविधाओं का नगर निगम इस बार विशेष ध्यान रख रहा है। जिसके लिए नगर निगम अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।
कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हो रही है जो 19 अगस्त तक चलेगी। बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहर के प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरी से मुलाकात कर कांवड़ महोत्सव तैयारी को लेकर चर्चा की। मंदिर परिसर के साथ-साथ नगर आयुक्त ने निगम अधिकारियों के साथ कैला भट्टा जस्सीपुरा मंदिर के आसपास क्षेत्र का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग, जलकल विभाग, प्रकाश विभाग और निर्माण विभाग को समुचित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंदिर के महंत नारायण गिरी ने नगर आयुक्त को बताया मंदिर के अलावा आसपास के क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था कराई जाए। इसके साथ सड़कों को गड्ढा मुक्त करने व विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
कावड़ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक शिव भक्तों तथा कांवडिय़ों द्वारा जलाभिषेक करने की संभावना है। जिस पर नगर आयुक्त द्वारा समस्त विभागीय अधिकारियों द्वारा बनाई गई कार्य योजना को साझा किया गया। मंदिर परिसर के बाहर और मंदिर में भी समुचित जल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक रूप से बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराई जाएगी। इसी के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार डस्टबिन और मोबाइल टॉयलेट की भी व्यवस्था मंदिर के बाहर भी कराई जाएगी। शिव भक्तों को किसी प्रकार असुविधा न रहे इस बात का ध्यान रखा जाएगा। प्राचीन मंदिरों पर भी नगर निगम अपनी व्यवस्था बनाने में लगा हुआ है। जिसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य चल रहा है।
नगर आयुक्त ने बताया कावड़ यात्रा महोत्सव में नगर निगम पूरी तैयारी से व्यवस्थाओं को संभालने के लिए तैयार है। जिसमें प्राचीन शिवालयों पर विशेष रूप से सफाई व्यवस्था प्रतिदिन टैंकरों के माध्यम से जल व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था को सुचारू किया जाएगा। दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर पर अधिकांश शिव भक्त की उपस्थिति रहती है। जिसके चलते 22 जुलाई से 3 अगस्त तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में निगम अधिकारी बने रहेंगे। मंदिर के आने जाने वाले मार्ग को भी अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कार्य योजना बनाई गई। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, जलकल महाप्रबंधक केपी आनंद उपस्थित रहे।
कांवड़ मार्ग और शिविरों तक 71 टैंकर, 14 ट्रैक्टरों से पहुंचेगा पानी
कांवडिय़ों के लिए जलकल विभाग की ओर से 71 टैंकर और 14 ट्रेक्टरों की मदद से कांवड़ मार्ग और शिविरों तक शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। शंभुदयाल इंटर कॉलेज, शंभुदयाल डिग्री कॉलेज में पानी का पेयजल का इंतजाम कराने के साथ ही कांवड़ यात्रियों के नहाने के लिए फव्वारे, स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था कराई जा रही है।
22 जगह मोबाइल टॉयलेट
मंदिरों के आसपास दो अगस्त को श्रावण शिवरात्रि पर्व से चार-पांच दिन पहले ही चार-चार सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। जलभराव से निपटने के लिए मशीनों के साथ कर्मचारी तैनात होंगे। दूधेश्वरनाथ मंदिर के पास दस सफाई कर्मचारी तैनात होंगे। कांवड़ मार्ग पर यात्रा के दौरान 22 जगह मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी। मंदिरों में फूल-पत्तियों के निस्तारण के लिए तीन टैंपो अगल से लगाए गए हैं।
89 सफाई कर्मचारी रहेंगे कांवड़ रूट पर तैनात
कांवड़ रूट को पांच हिस्सों में बांटकर कुल 89 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास 27, दुहाई मेरठ रोड से हिंडन नदी साईं उपवन तक 15, हिंडन पुल से मोहन नगर तिराहा होकर हवाई अड्डे से अप्सरा बॉर्डर, लोनी रोड तक 17, साहिबाबाद रेलवे पुल से यूपी बॉर्डर तक 14 और विजयनगर जोन में 16 सफाई कर्मचारी तैनात रहेंगे। जो कांवड़ मार्ग की सफाई व्यवस्था में मुस्तैद रहेंगे।



















