-पर्ची बनवाने के बाद मुख्य द्वार प्राधिकरण में आने वाले व्यक्तियों की होगी जांच
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) कार्यालय में अब कोई भी संदिग्ध व्यक्ति न घुस नहीं पाएगा। जिसके लिए जीडीए कार्यालय की सुरक्षा अब कड़ी करने के साथ सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जीडीए कार्यालय के प्रवेश द्वार पर स्कैनिंग मशीन और मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई जाएगी। ताकि कार्यालय में आने वाले व्यक्तियों को चेकिंग होने के बाद ही प्रवेश दिया जा सकें। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किए जाने को लेकर चेकिंग करने और स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर मशीन लगाने के निर्देश दिए है।
बता दें कि जीडीए में रोजाना 100 से अधिक लोग एवं आवंटी विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं। फिलहाल जीडीए में आने वाले व्यक्तियों की स्वागत कक्ष में पर्ची बनाई जाती हैं। उसके बाद जिस अधिकारी व कर्मचारी से मिलना होता है। उसके बाद वह व्यक्ति मुख्य द्वार से अंदर जाते हैं। जीडीए परिसर में जाने वाले लोगों की जांच नहीं होती है। ऐसे में अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। दरअसल, जीडीए उपाध्यक्ष से मिलने के लिए पहुंचा एक व्यक्ति पिछले दिनों उनके प्रतीक्षा कक्ष तक पिस्टल लेकर पहुंच गया था। पिस्टल लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति की तलाशी नहीं ली गई। भनक लगने के बाद उसे पुलिसकर्मियों से बाहर निकाला गया।
इस घटना के बाद अब जीडीए के मुख्य द्वार पर स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर मशीन लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्वागत कक्ष से पर्ची बनवाने के बाद मुख्य द्वार प्राधिकरण में आने वाले व्यक्तियों की जांच की जा सकें। उनकी पूरी चेकिंग के बाद ही कार्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि जीडीए कार्यालय की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बगैर चेकिंग के कोई भी व्यक्ति अंदर प्रवेश न करें। इसको लेकर स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर मशीन लगाने के निर्देश दिए गए है। कई बार बगैर काम के भी लोग कार्यालय में घूमते रहते हैं। इसे रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी।
शासन से मांगे ओएसडी व इंजीनियर:
जीडीए की कार्य प्रणाली बेहतर बनाने के लिए जीडीए ने प्रदेश शासन से स्टाफ की मांग की है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने शासन को भेजे मांग पत्र में दो ओएसडी एवं 50 से ज्यादा सहायक व अवर अभियंता की तैनाती करने के लिए पत्र भेजा है। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि स्टाफ की कमी होने की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। शासन से दो ओएसडी व इंजीनियर नियुक्त करने की मांग की गई है। दरअसल, जीडीए में वर्तमान में 150 इंजीनियरों के सापेक्ष सिर्फ 30 जूनियर इंजीनियर ही तैनात हैं।
पूर्व में रिटायर होने के बाद इंजीनियरों की संख्या कम हो गई है। जीडीए के सभी 8 जोन में दो से तीन अवर अभियंता तैनात हैं। प्रवर्तन अनुभाग के साथ अभियंत्रण का भी यह काम देख रहे हैं। जीडीए के विद्युत अनुभाग में कोई अवर अभियंता फिलहाल तैनात नहीं है। ऐसे में जीडीए में अधिकारियों और इंजीनियरों की कमी होने के चलते ओवरलोड होने के कारण गुणवत्तापूर्ण कार्य करने में दिक्कत आ रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए शासन से ओएसडी व इंजीनियरों को नियुक्त करने की मांग की गई है, ताकि विकास कार्यों समेत आवंटियों की समस्याओं का समय सीमा में निस्तारण किया जा सकें।
















