भू-माफिया एवं पूर्व पार्षद ओम त्यागी को जेल, कोर्ट में किया सरेंडर, 31 मई तक कोर्ट ने भेजा जेल

गाजियाबाद। चर्चित भू-माफिया एवं पूर्व पार्षद ओम त्यागी ने मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। लंबे समय से वह पुलिस को गच्चा दे रहा था। ओम त्यागी के कारनामों की फेहरिस्त काफी लंबी है। रसूख और राजनीति प्रभाव के कारण वह अब तक पुलिस-प्रशासन को ठेंगा दिखाता रहा था। उस पर शिकंजा कसे जाने से अब उसके गुर्गों में भी खलबली मच गई है। बताया गया है कि ओम त्यागी के कई गुर्गे एकाएक भूमिगत हो चुके हैं।

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योगी सरकार में भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है। इसी क्रम में गाजियाबाद में भू-माफिया एवं पूर्व पार्षद ओम त्यागी को कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा है। बताया जाता है कि पूर्व पार्षद त्यागी ने थाना नंदग्राम में दर्ज एक केस के सिलसिले में कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। नगर निगम के संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम ने इस संबंध में थाना नंदग्राम में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में ओम त्यागी पुत्र मामचंद त्यागी निवासी ग्राम घूकना सहित कई को नामजद कराया गया था। नंदग्राम थाना पुलिस ने अपराध संख्या-1169/21 के तहत धारा-420, 419, 467, 468, 471, 406, 447, 427, 120बी में मामला दर्ज किया था।

निचली अदालत में मंगलवार का सरेंडर करने पहुंचे ओम त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम ने विगत 30 अक्टूबर 2021 को यह मामला दर्ज कराया था। ओम त्यागी के खिलाफ इसके अलावा भी कई मामले दर्ज हैं। थाना नंदग्राम में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आरोपियों ने नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया था। बाद में इस भूमि को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया गया। 14 नागरिकों ने यह भूमि खरीद कर आशियाने बना लिए थे। जिन्हें नगर निगम ने ध्वस्त कर दिया था। पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए डीएम गाजियाबाद ने प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी भी गठित की थी।

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इन पर दर्ज हुई थी एफआईआर
नगर निगम के संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम ने भू-माफिया ओम त्यागी के अलावा सूरज पासवान, रजनीश चौधरी पुत्र महिपाल, ब्रजेश त्यागी, इंदू त्यागी पत्नी ब्रजेश त्यागी, बबीता शर्मा पत्नी महेश, महेश शर्मा पुत्र सतपाल व अजीत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
भू-माफिया ओम त्यागी को काफी समय से अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट का भी रूख किया था, मगर हाईकोर्ट से उसे कोई राहत नहीं मिल पाई थी। वह चाहता था कि हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश जारी करा लिया जाए।

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नगर निगम ने दर्ज कराया था मुकदमा
भू-माफिया ओम त्यागी व उसके गुर्गों के खिलाफ नगर निगम के संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम ने थाना नंदग्राम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा भी कई पीडि़तों ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर ओम त्यागी के कारनामों की शिकायत की थी। मामले को मैनेज करने के लिए उसने खूब हाथ-पांव मारे थे, मगर अंतत: वह जेल जाने से बच नहीं पाया।