-जनसुविधाओं से समझौता नहीं, तय समय में काम पूरा हो: नंद किशोर कलाल
-निरीक्षण में उजागर हुई सुस्त प्रगति, निर्माण एजेंसियों को चेतावनी
-समयबद्ध गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को सख्त निर्देश
– बिजली लाइन, भूमि विवाद और ड्रेनेज बाधाओं को तत्काल हटाने के आदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में जोनल प्लान के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की धीमी गति पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने क्षेत्र में निर्माणाधीन जोनल मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षा से कम पाई गई, जिस पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यों की रोजाना निगरानी की जाए और प्रगति रिपोर्ट फोटो सहित उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करना प्राथमिकता है और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सी-6 जोनल रोड का आधा कार्य पूरा, मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान 24 मीटर चौड़ी सी-6 जोनल रोड (लगभग 320 मीटर) का अवलोकन किया गया, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा पाया गया। सीवर एवं नाली निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि मिट्टी समतलीकरण का कार्य जारी है।
उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मार्ग के दोनों ओर मानकों के अनुरूप साइड वर्ज, मध्य में सेंट्रल वर्ज, उद्यानिकी विकास और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मार्च अंत तक यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डी-2 रोड की धीमी गति पर एजेंसी को चेतावनी 18 मीटर चौड़ी डी-2 जोनल रोड (लगभग 930 मीटर) पर केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा पाया गया। निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से होने पर संबंधित एजेंसी को कड़ी चेतावनी दी गई। स्पष्ट किया गया कि समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ए-6 रोड भूमि विवाद से प्रभावित, जून 2026 तक लक्ष्य 45 मीटर चौड़ी ए-6 जोनल रोड, जो गौड़ कैस्केड सोसायटी को मेरठ रोड से जोड़ती है, के शेष 900 मीटर भाग पर लगभग 25 प्रतिशत कार्य हुआ है। किसानों की भूमि विवाद के कारण कार्य प्रभावित है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि विद्युत लाइन शिफ्टिंग हेतु विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर लागत आकलन शीघ्र तैयार किया जाए। उन्होंने जून 2026 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बी-2 रोड पर न्यायालयीन प्रकरण से बाधा, शेष कार्य प्राथमिकता पर 30 मीटर चौड़ी बी-2 जोनल रोड (एमजी घरौंदा सोसायटी से भट्टा नंबर-5) के शेष 700 मीटर भाग में नाले एवं सीवर लाइन का आंशिक कार्य पूरा पाया गया। एक खसरा भूमि न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण कार्य प्रभावित है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि विवादित भूमि को छोड़कर शेष कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण किए जाएं तथा न्यायालयीन प्रकरण के शीघ्र निस्तारण हेतु विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्युत लाइन शिफ्टिंग संबंधित बिल्डर द्वारा प्राथमिकता पर कराई जाए। आउटर रिंग रोड कनेक्टिविटी मार्ग का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश आउटर रिंग रोड के जोड़ मार्ग (ए-2) के संबंध में बताया गया कि कुछ हिस्सों में भूमि अर्जन प्रक्रिया जारी है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पूरे 6190 मीटर मार्ग का निर्माण प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिसमें साइड वर्ज, सेंट्रल वर्ज, नाला-नाली, सर्विस रोड, उद्यानिकी एवं विद्युत व्यवस्था शामिल हो। सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
रोजाना पर्यवेक्षण और पखवाड़ेवार प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य निरीक्षण के उपरांत उपाध्यक्ष ने कहा कि राजनगर एक्सटेंशन में सड़कों के निर्माण कार्यों की गति संतोषजनक नहीं है। प्रभारी मुख्य अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए कि स्थलों का दैनिक पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक पखवाड़े प्रगति रिपोर्ट फोटो सहित प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगले निरीक्षण में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। योजनाबद्ध विकास और जनसुविधाओं को प्राथमिकता उपाध्यक्ष ने कहा कि जीडीए क्षेत्र के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बेहतर सड़क नेटवर्क शहर की जीवनरेखा है और इससे यातायात सुगम होने के साथ नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूर्ण कराई जाएं ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राजनगर एक्सटेंशन तेजी से विकसित हो रहा आवासीय क्षेत्र है, जहां बेहतर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में जीडीए द्वारा कार्यों की निगरानी और तेजी लाने की पहल से स्थानीय निवासियों को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद है।
















