गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में चुनावी सरगर्मी निरंतर जोर पकड़ रही है। नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पांचों सीट पर कुल 73 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए हैं। कई प्रत्याशियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथ पत्र में इन प्रत्याशियों ने खुद पर दर्ज इन मामलों का ब्यौरा दिया है। राजनीतिक दलों से लेकर निर्दलीय उम्मीदवार तक पर यह मामले पंजीकृत हैं।
मदन भैय्या पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप
लोनी विधान सभा क्षेत्र से सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी मदन भैय्या किस्मत आजमा रहे हैं। मदन पर चुनाव में बूथ कैप्चरिंग करने तक का आरोप है। वर्ष-1996 में जावली गांव में बूथ कैप्चरिंग का मामला प्रकाश में आया था। इसके बाद उनके विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके अलावा 2001 में मदन भैय्या पर पुलिस पर गोली चलाने का केस दर्ज कराया गया था। लोनी क्षेत्र में मदन भैय्या का अपना अलग वजूद है।
मुन्नी पर आचार संहिता उल्लंघन का केस
मुरादनगर विधान सभा सीट से सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी के खिलाफ खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज है। यह केस 2019 में इंदिरापुरम थाने में दर्ज कराया गया था। पूर्व विधायक मुन्नी राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद वह सपा में चले गए थे। स्रातक पास मुन्नी कभी जनता के बीच अच्छी पकड़ रखते थे।
विशाल वर्मा पर धमकी देने का मामला
शहर विधान सभा सीट से सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी विशाल वर्मा भी कानूनी पचड़े में फंसे पड़े हैं। उन्होंने एमएमएच कॉलेज से बीएएलएलबी की पढ़ाई की है। उनके खिलाफ लिंक रोड थाने में छोटी बहन के ससुर को धमकी देने का मामला दर्ज है।
निर्दलीय विजय पर दहेज उत्पीड़न का केस
साहिबाबाद विधान सभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार विजय कुमार पढ़े-लिखे नहीं हैं। उनके खिलाफ महिला थाने में भाई की पत्नी ने भाई व परिवार पर दहेज उत्पीड़न के आरोप में केस दर्ज करा रखा है। यानी विशाल वर्मा की तरह विजय कुमार भी पारिवारिक विवाद के कारण कानूनी पचड़े का शिकार हैं।
















