उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम के डूंडाहेड़ा स्थित 70 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के रिएक्टर मरम्मत में किए गए 6.39 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में मेयर आशा शर्र्मा ने संज्ञान लेते हुए जल निगम के महाप्रबंधक वीके सिंह को पत्र लिखकर विस्तृत रिपोर्ट एवं मूल पत्रावली मांगी है। मेयर आशा शर्मा ने म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह और जलकल विभाग के महाप्रबंधक बृजेश कुमार सिंह को पत्र जारी करते हुए कहा कि डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी का 12 जून 2018 में निरीक्षण किया था। उस समय स्थिति कुछ और थी लेकिन सदन के वरिष्ठ पार्षद द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने का मामला उठाए जाने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि बिना किसी रखरखाव के नगर निगम ने जल निगम के सी एल दिखाई को 6 करोड़ 39 लाख रुपए का भुगतान कर दिया और भौतिक स्थिति में एसटीपी में कोई काम नहीं किया गया। इस परिस्थिति में नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंची है। साथी इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए।
भाजपा शासित गाजियाबाद नगर निगम में एक और घोटाला
उन्होंने इस मामले में महाप्रबंधक को पत्र लिखकर से पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में जल निगम की इकाई सीएंडएस को करोडो रूपए का भुगतान कैसे कर दिया गया। मेयर ने 16 जुलाई 2018 को नगर निगम अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तत्कालीन म्युनिसिपल कमिश्रर ने जांच कराई थी। जिसकी जांच आख्या तत्काल प्रस्तुत करें। पानी की जांच कराने की लैब रिपोर्ट भेजे। 6.39 करोड़ रुपए की धनराशि का कब भुगतान हुआ और किन शर्तों पर हुआ। इन सभी की विस्तृत रिपोर्ट एवं मूल पत्रावली पेश की जाए।
















