अस्पताल में भर्ती कर्मचारी का हाल जानने पहुंचे नगर आयुक्त

गाजियाबाद। नगर निगम का हरेक अधिकारी व कर्मचारी नगर निगम का परिवार है। जिस तरह शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों को ईमानदारी से निवर्हन कर रहे है। ठीक हमें भी उनकी हर पीड़ा को समझना होगा। अगर परिवार को कोई व्यक्ति अस्वस्थ है तो उसकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है। इन बातों को सरकारी कार्यालय में हर अधिकारी कहता सुनाई देता है। लेकिन इस बात को आज नगर आयुक्त ने चरितार्थ कर दिया। जब 46 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी वीरपाल को अचानक ब्रेन हेमरेज हुआ, तो सगे संबंधियों द्वारा नागर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जब इसकी सूचना सोमवार को जैसे नगर आयुक्त को मिली तो वह सभी कामों को छोड़कर तत्काल अस्पताल पहुंचे और कर्मचारी का हाल चाल जाना। साथ ही डॉक्टरों को भी ईलाज में किसी प्रकार की कोई कमी न रहने एवं मरीज का 24 घंटे ध्यान रखने के निर्देश दिए।

नगर निगम द्वारा कर्मचारियों का पहले से ही ध्यान रखा जाता रहा है। मगर इस तरह ध्यान रखा जाएगा यह पहली बार देखने को मिला। नगर आयुक्त डॉ नितिन गौड़ द्वारा अपने स्वास्थ्य कर्मी की देखभाल के लिए ना केवल डॉक्टर की टीम को भी बल्कि उनके इलाज के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार को निर्देशित किया। उनके पीएफ तथा अन्य माध्यम से आवश्यकता पडऩे पर धन की भी उपलब्ध कराई कराने के भी निर्देश दिए। जिससे कर्मचारी के ईलाज में कोई कमी नइ रह जाए। स्वास्थ्य कर्मी के परिवारजनों में उनकी धर्मपत्नी बाला तथा उनके बेटे से वार्ता की। परिजनों ने बताया कि अचानक घर पर ब्रेन हेमरेज की शिकायत बनी। जिस पर उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। नगर आयुक्त द्वारा किसी भी परेशानी होने पर सीधे संपर्क करने के लिए भी परिवार जनों को कहा।

नगर आयुक्त ने कहा गाजियाबाद नगर निगम का हर कर्मचारी निगम परिवार का हिस्सा है। जिसके सुख-दुख में वह किसी परेशानी में मेरी शत-प्रतिशत भागीदारीता है। वीरपाल स्वास्थ्य कर्मी की सही देखभाल से जल्द ही वह स्वस्थ हो जाएं। लगातार संबंधित परिवारजनों के साथ संपर्क बनाया जाएगा और किसी भी परेशानी में उनका साथ देने के लिए नगर निगम उनके साथ खड़ा है। यह जरुरी नही है कि जब तक वह कोई भी कर्मचारी कार्य कर रहा है तभी तक वह ड्यूटी पर है। जिस तरह वह ईमानदारी के साथ निगम के कार्यों को अंजाम दे रहे है। ठीक उसी तरह हमारा भी फर्ज है कि उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाए। क्योंकि नगर निगम कर्मचारियों की मेहनत का फल है कि आज गाजियाबाद नगर निगम नंबर-1 बना है।