-अधिकारियों के उड़े होश जब नगर आयुक्त ने बैठक के दौरान शिकायतकर्ता को लगाया फोन
-शिकायतों के निस्तारण के बाद प्रतिदिन शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात करें टीम: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-9 से 5 की ड्यूटी नहीं 24 घंटे जन समस्याओं के समाधान के लिए विभागों को दिए तत्परता दिखाने के निर्देश
उदय भूमि
गाजियाबाद। शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता लाने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक अब खुद फरियादियों की शिकायत सुनने के साथ फोन कर शिकायत के निस्तारण का फीडबैक भी ले रहें है। यह सब इसलिए कि नगर निगम में आने वाली सभी शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता के साथ आमजन के साथ तालमेल बैठाया जा सकें। खुद के सभी अधिकारियों को भी निर्देश दे रहे है, जब तक शिकायतकर्ता से उसकी समस्या का समाधान होने के बाद फीडबैक नहीं लिया जाता है तब तक शिकायतकर्ता पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो सकता है। शिकायत का निस्तारण और शहर का विकास करना हम नगर निगम की प्राथमिकता में है। उसी प्राथमिकता के आधार पर नगर आयुक्त नगर निगम के कामकाज को डिजिटल करने के साथ-साथ लोगों की उम्मीदों पर भी खरा उतरने का प्रयास कर रहे है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में बुधवार को एकीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली, 311, समीर एप एवं संभव के संदर्भों को लेकर बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में विभागों की बैठक हुई।
बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ सभी विभागों के बाबू, कर्मचारी व कंप्यूटर ऑपरेटर भी उपस्थित रहे। सभी से बारी-बारी नगर आयुक्त द्वारा जन समस्याओं के निस्तारण के लिए चल रही कार्यवाही के बारे में जानकारी ली। मौके पर अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार भी उपस्थित रहे। मुख्य रूप से नगर आयुक्त द्वारा आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी चाही गई और प्राप्त संदर्भों पर गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण हो निर्देश दिए। मौके पर नगर आयुक्त द्वारा रामप्रस्था वार्ड संख्या 97 के शिकायतकर्ता त्रिलोकी चद सिंह लवली से भी फोन लगाकर वार्ता की। जलकल विभाग द्वारा किए गए समस्या के समाधान पर फीडबैक भी मांगा। शिकायतकर्ता द्वारा संतुष्टि जताई गई और कार्य रफ्तार बढ़ाने के लिए निवेदन भी किया। इसी क्रम में नगर आयुक्त द्वारा वसुंधरा प्रहलाद गाड़ी क्षेत्र के अरुण और जितेंद्र श्रीवास्तव साहिबाबाद को भी संपर्क करते हुए फीडबैक लिया।
अधिकारियों को दिए गए फीडबैक पर और बेहतर कार्य करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग] स्वास्थ्य विभाग टीम को आपसी समन्वय बनाते हुए शहर हित में कार्य करने के लिए कड़े निर्देश दिए। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सस्पेंड करने के लिए भी चेतावनी दी गई। नगर आयुक्त ने कहा नगर निगम में विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों का निस्तारण होने के उपरांत खुद अधिकारी फोन कर उसका फीडबैक लें। नगर निगम शहर हित में 24 घंटे कार्य के लिए तत्पर है। कार्य की रफ्तार बनाए रखने के लिए भी विभागों की टीम को निर्देश दिए। नगर आयुक्त द्वारा बताया कि नगर निगम को प्रतिदिन 70 से 90 आईजीआरएस के माध्यम से संदर्भ प्राप्त होते हैं। जिनमें 80 प्रतिशत निस्तारण की कार्यवाही प्रतिदिन विभागों द्वारा की जाती है। कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता पूर्वक कार्य करने के लिए टीम को निर्देश दिए। अपर नगर आयुक्त व वरिष्ठ प्रभारी को प्रतिदिन मॉनिटरिंग बढ़ाने एवं समस्याओं की गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया।


















