अब ऑनलाइन कराएं पालतु डॉगी का रजिस्ट्रेशन

नगर निगम ने शुरू की सुविधा

गाजियाबाद। पालतु कुत्तों का पंजीकरण कराने के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। नगर निगम ने इसके लिए ऑनलाइन सुविधा की शुरूआत कर दी है। यानि आप घर बैठे अपने डॉगी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए नगर निगम जाने की जरूरत नहीं होगी। पशुप्रेमियों की सुविधा को देखकर यह कदम उठाया गया है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराना अनिवार्य हो चुका है।

इसके बावजूद नागरिक पालतु कुत्तों का पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम को विचार करना पड़ा है। मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह के मुताबिक नागरिक अभी भी पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। 20 हजार में से अब तक सिर्फ 900 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अगले माह से कुत्तों का पंजीकरण एक हजार रुपए की जगह डेढ़ हजार रुपए में होगा।

नगर निगम ने करीब सवा साल पहले बोर्ड बैठक में कुत्तों के रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव पास कराया। इसके लिए पालतू कुत्तों के लिए रजिस्टे्रशन शुल्क 1000 रुपए निर्धारित किया गया।शहर में पालतू कुत्तों की संख्या का पता लगाने के लिए निगम के सभी पांचों जोन क्षेत्र में सर्वे कराया गया। सर्वे में पता चला कि 20 हजार से ज्यादा पालतू कुत्ते हैं। निगम ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए काफी प्रयास किए, इसके बावजूद लोग रुचि नहीं ले रहे हैं। सवा साल में केवल 900 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। निगम के मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ.अनुज कुमार सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों को अब नोटिस जारी किए जाएंगे। कुत्तों का रजिस्टे्रशन कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।

गूगल प्ले स्टोर सर्च में जाकर नगर निगम पेट रजिस्ट्रेशन पर क्लिक कर ऐप को डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर-7827459535, 8178016949 पर संपर्क  कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि एक मई एक मई तक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 100 रुपए हर माह के हिसाब से जुर्माना शुल्क बढ़ता रहेगा।वहीं,लावारिस कुत्तों की नसबंदी में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए काम कर रही संबंधित संस्था से कहा है। उन्होंने बताया कि लावारिस कुत्तों की शिकायतें लगातार आ रही हैं। बता दें कि कुत्तों का शहर में आतंक बढ़ता जा रहा है। हर गली-मोहल्लों में झुंड बनाकर घूम रहे हैं। लोगों पर हमला कर रहे हैं। अस्पताल में रोजाना लगभग 200 लोग कुत्ता काटने के पहुंच रहे हैं। वहीं नगर निगम की बोर्ड बैठक में कुत्तों की नसबंदी नहीं होने का मामला भी कई बार उठ चुका। इसके बाद अभी तक नसबंदी के काम में तेजी नहीं आ सकी है।