शहर को हरा-भरा बनाने के लिए मिलकर करेंगे पौधा रोपण: संतोष राय

पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढाने के लिए 90 हजार पौधे लगाएगा जीडीए

गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
नए सिरे से पौधा रोपण अभियान चलाते हुए 90 हजार पौधे रोपित करेगा। धरती को हरा भरा बनाने के लिए लोगों में जागरूकता भी बढाई जाएगी।। अभियान के तहत प्रदेश शासन ने जीडीए, नगर निगम और नगर पालिका, नगर पंचायतों का लक्ष्य तय कर दिया हैं। इसके अलावा नगर निगम को 1 लाख पौधे लगाने का शासन ने लक्ष्य दिया है। वहीं, जिले की 4 नगर पालिका परिषद और 4 नगर पंचायत क्षेत्रों में पौधोरापण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया हैं। जीडीए इस लक्ष्य के अनुसार अपने सभी 8 जोन क्षेत्र में 90 हजार पौधे लगाएगा। जीडीए ने इन पौधे लगाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि 90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिल गया है। इसका सर्वे कराया जा रहा हैं। उसके बाद पता होगा कि किस क्षेत्र में कितने पौधे लगाए जाएंगे। नई योजनाओं के अलावा पुरानी योजनाओं में भी पौधारोपण करेगा। इसके लिए अगले हफ्ते से जीडीए क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। मार्च तक हफ्ते में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जीडीए उद्यान विभाग चयनित क्षेत्र में पौधारोपण करेगा। इसके लिए स्कूल कॉलेज, ग्रुप हाउसिंग, एओए और आरडब्ल्यूए का सहयोग भी लिया जाएगा। ताकि पौधारोपण होने के बाद इन पौधों की देखरेख भी आसानी से हो सके। बता दें कि इस अभियान के दौरान सबसे ज्यादा 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य नगर निगम को मिला है। नगर निगम के बाद नगर पालिका लोनी को 20 हजार तो नगर पंचायत को 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि पेड़ों की घटती संख्या सबके लिए लिए चिंता का सबब बनी हुई। घटते पेड़ों से पर्यावरण दूषित होता जा रहा है, जिसकी वजह से तमाम परेशानियां पैदा हो रही हैं। पेड़ों की अहमियत धरती पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समझनी होगी। पेड़ धरती पर जीवन का प्रतीक हैं और जंगली जानवर व पक्षियों के लिये प्राकृतिक घर हैं। उन्होने बताया शहर में 90 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है,इसके लिए उद्यान अनुभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। ताकि पौधारोपण करने के स्थानों का चयन कर पौधे लगाने की शुरूआत कराई जा सके। सितंबर तक लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
ठंडे बस्ते में पहुंची इंदिरापुरम विस्तार योजना:
जीडीए द्वारा इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए अधिगृहित की जाने वाली 35 एकड़ जमीन को अब योजना से बाहर किया जाएगा। जीडीए ने शासन को इंदिरापुरम विस्तार योजना को अधिसूचना रद्द करने का प्रस्ताव भेजा है। इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए कुल 229 एकड़ जमीन अधिगृहीत होनी है। इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए अधिगृहीत होने वाली 35 एकड़ जमीन को जीडीए द्वारा योजना से बाहर किया जाएगा। इस संबंध में जीडीए ने शासन को अधिसूचना रद करने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें से 35 एकड़ जमीन का किसान बाजार दरों पर मुआवजा मांग रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि जीडीए बाजार दर पर जमीन का मुआवजा नहीं देगा। ऐसे में इस जमीन को अधिगृहित न करने का निर्णय लिया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने इस जमीन को योजना से बाहर करने के साथ ही अधिसूचना रद करने का शासन को प्रस्ताव भेज दिया हैं। इंदिरापुरम विस्तार की इस योजना पर पिछले 10 साल से विवाद चल रहा है। किसान कभी सिविल कोर्ट तो कभी हाईकोर्ट में जीडीए के खिलाफ याचिका दायर कर चुके हैं। किसानों ने इस जमीन का नए अधिग्रहण कानून-2014 के अनुसार मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि जमीन की अधिसूचना रद्द करने के लिए शासन को पत्र भेज दिया हैं। वहीं,जीडीए के आवंटियों को बकाया जमा करने पर अब ब्याज में 2 फीसद की छूट मिलेगी। कोरोना के चलते कई महीने पहले ब्याज में छूट का प्रस्ताव भेजा था। शासन स्तर से इस छूट को मंजूरी मिल गई है। इससे करीब 10 हजार आवंटियों को लाभ होगा।