गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर निगम द्वारा शहर में सघन वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। करीब 33 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में वन क्षेत्र का विकास होगा। 15वें वित्त आयोग के फंड से इस कार्य पर करीब 6.21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर जल्द यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि सघन वन क्षेत्र विकसित करने के लिए शहर में 11 स्थान चिन्हित किए गए हैं। इन पर मियावकी पद्धति से एक वर्ग मीटर में अलग-अलग लंबाई के तीन पौधे लगाए जाएंगे।
पौधे लगाने वाली कंपनी दो साल तक इनकी देखरेख भी करेगी। वन तैयार होने के बाद इस क्षेत्र से पैदल गुजरना भी मुश्किल होगा। अगस्त माह के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में काम शुरू हो जाएगा। इस स्थान को सुरक्षित करने को तार फेंसिग करने और सिंचाई के लिए नलकूप लगाए जाएंगे। 3.87 लाख रुपए से पौधे लगाए जाएंगे। जबकि 1.96 करोड़ रुपए से सभी स्थानों की फेंसिंग होगी और 37.77 लाख रुपए से नलकूप लगाए जाएंगे। पौधे लगाने व फेंसिंग का कार्य दो माह और नलकूप चालू करने के लिए एक माह का समय मिलेगा।
पौधे लगाने वाली कंपनी को 50 प्रतिशत रकम का भुगतान पौधरोपण पूरा होने पर किया जाएगा और डेढ़ साल पूरे होने के बाद 90 प्रतिशत पेड़ मौजूद होने पर ही पूरा भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रदूषण औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से होता है। इसलिए सघन वन के लिए सबसे ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। साईं उपवन में सघन वन तैयार हो चुका हैं। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित राम पार्क, प्रताप विहार और सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम में कूड़े के पहाड़ वाले स्थान पर नगर निगम खुद मियावकी पद्धति से पौधे लगाकर सघन वन क्षेत्र तैयार करा रहा है।
















