गाजियाबाद। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर शनिवार को रालोद नेता और कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद सदर तहसील पर महानगर अध्यक्ष अरुण चौधरी भुल्लन के नेतृत्व में प्रदेश सराकर पर हल्ला बोला। रालोद वालों ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को धरने के जरिए पुरजोर तरीके से उठाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया। महानगर अध्यक्ष अरुण चौधरी भुल्लन ने कहा कि किसानों की फसलों की कीमत बढ़ गई है और उन्हें लाभकारी मूल्य भी नहीं मिल रहा। पिछले विधानसभा चुनाव में किसानों से किया गया भाजपा सरकार का वायदा भी चुनावी जुमला बनकर रह गया है। किसानों के पास ना बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसा है और ना ही दवाई के लिए। किसान पिछले 9 माह से कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर धरनारत है। दूसरी ओर सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने में लगी हुई है। वरिष्ठ रालोद नेता अजयपाल प्रमुख ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सरकार से मांग की गई कि गन्ने का बकाया भुगतान मय ब्याज अविलंब कराया जाए। भुगतान न होने तक सभी तरह की देनदारियों पर रोक लगाई जाए। किसानों के प्रतिनिधियों से वार्ता करके सरकार द्वारा गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित किया जाए। किसानों को मनचाही चीनी मिल पर गन्ना सप्लाई करने की छूट दी जाए। गन्ने की ढुलाई का भाड़ा खत्म किया जाए। किसानों के बिजली के बिल कम किए जाएं। ट्यूबवैल के लिए बिजली फ्री दी जाए। किसानों के लिए डीजल पर सब्सिडी दी जाए। खाद व अन्य कृषि यंत्रों के दाम घटाए जाएं, आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए व्यवहारिक प्रबंधन किए जाएं। सरकारी मंडी के अंदर और निजी व्यापार में भी एमएसपी के आधार पर खरीद हो। उन्होंने बताया कि मजबूर होकर रालोद 28 अगस्त का दिन किसान क्रांति दिवस के रूप में मना रही है। इस मौके पर ओडी त्यागी, राहुल चौधरी, विनित चौधरी, प्रदीप त्यागी, रविंद्र चौहान, अशोक तेवतिया, लोकेश चौधरी, रेखा चौधरी, भूपेंद्र बॉबी, विशाल सिरोही, हिमांशु नागर, रजत धीमान, प्रितम लाल, इंद्रजीत सिंह टीटू, अशोक चौधरी, रवि हरित, जितेंद्र मोनू, वीरेंद्र चौधरी, दीपक नाहल, प्रवेंद्र धामा, संजीव चौधरी, लोकेश कटारिया, अरुण तेवतिया, तुषार पांचाल, बाबू जाट, ऋषा पांचाल, मनोज चौधरी सदरपुर आदि मौजूद रहे।
















