फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, गैंग के लीडर समेत तीन गिरफ्तार

-9 साल से हजारों लोगों के साथ अरबों रूपए की ठगी
-ईपीएफओ का अधिकारी बनकर रिटायर कर्मचारी एवं अधिकारियों से करते थे ठगी

गाजियाबाद। साइबर सेल और इंदिरापुरम थाने की संयुक्त टीम ने ठगी के कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये आरोपी पिछले करीब 9 साल से हजारों लोगों से अरबों रूपए की ठगी कर चुके है। आरोपित रिटायर कर्मचारी एवं अधिकारियों का इंटरनेट से डाटा प्रापत कर फर्जी नंबर से कॉल कर खुद को ईपीएफओ अधिकारी बताकर कर्मचारियों को ईपीएफ मैच्योरिटी (फण्ड दिलाने) के नाम पर ठगी करते थे। आरोपियों के निशाने पर अधिकांस महाराष्ट्र एवं गुजरात राज्य के लोग रहते थे।
इंदिरापुरम थाने में शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी द्वितीय ज्ञानेद्र कुमार सिंंह ने साइबर सेल प्रभारी एवं सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्रा की मौजूदगी में बताया कि साइबर सैल प्रभारी सुमित कुमार, थाना प्रभारी संजय पाण्डेेय, इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह, एसआई विशाल सिंह की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे खोड़ा अंडरपास के पास से ठगी करने वाले राहुुल पुत्र मंगल सिंह निवासी आजाद विहार खोड़ा, घनश्याम पुत्र हरिविलास सिंह निवासी सलारपुर नोएडा, धमेन्द्र पुत्र राम अवतार सिंह निवासी हरोला नोएडा को गिरफ्तार किया। जिनके कब्जे से 14 मोबाइल, 33 एटीएम कार्ड, स्वीफ्ट कार, 6 पेन कार्ड, 5 आधार कार्ड, 9 चेक बुक, 8 पास बुक, दो मोहर, तीन वोटर आईडी कार्ड, 23 डाटा पेपर शीट बरामद किया गया। सीओ अभय कुमार मिश्रा ने बताया घनश्याम व राहुल गैंग के लीडर है। जो डाटा, सिम व खाता उपलब्ध कराकर धमेन्द्र को देते थे। खातों के एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे। ठगी का पैसा निकालने के बाद धमेन्द्र व उसकी कॉलिंग टीम को सैलेरी देकर व अन्य खर्चे काटकर आपस में बांट लेते थे। घनश्याम वर्ष 2015 में हैदराबाद से ठगी मामले में जेल जा चुका है। आरोपित वर्ष 2012 से फर्जी नाम व पते पर सिम खरीदकर, बैंक खाता खुलवाकर इंटरनेट के माध्यम से रिटायर कर्मचारी एवं अधिकारियों का डाटा निकालते थे। जिसके बाद धमेन्द्र की कॉलिंग टीम कर्मचारियों एव अधिकारियों को कॉल करती थी। आरोपी खुद को ईपीएफओ का अधिकारी बताकर ईपीएफ मैच्योरिटी के नाम पर ठगी करते थे। जो कि 10 हजार से अधिक लोगों से अरबों रूपए की ठगी कर चुका है। जिनके निशाने पर ज्यादातर महाराष्ट्र व गुजरात के लोग रहते थे। एसएचओ संजय पाण्डेय ने बताया वैशाली निवासी तेल व प्राकृतिक गैस निगम से सेवानिवृत्त अधिकारी नीरज शर्मा ने इंदिरापुरम थाने में करीब 11 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि और समूह बीमा की धनराशि दिलाने के नाम पर उनके साथ करीब 11 लाख रुपये की ठगी हुई है। मामले की साइबर सेल और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। करीब सात सौ मोबाइल नंबरों की जांच करने पर पता चला कि गौड़ ग्रीन सिटी गौतमबुद्धनगर स्थित एक फ्लैट से यह ठगी की गई है। पुलिस ने माध्यमों से साक्ष्य एकत्र किए। यह लोग पूरे देश में ठगी करते थे। मुंबई में एक व्यक्ति से 1.14 करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपित अर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 हजार रूपए देने के बाद उनका एटीएम, पास बुक व चेक बुक ले लेते थे। उन्हें खातों में लोगों से पैसे जमा करवा करके स्वयं निकाल लेते थे। उन्होंने बताया कि जिन खातों में रुपये जमा कराए गए हैं उन्हें सीज करा दिया गया है। कार व अन्य संपत्तियों की जांच की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।