ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता के लिए एमएमजी में संगोष्ठी का आयोजन

-स्तन कैंसर के बारे में महिलाओं की जागरूकता बढ़ाकर कर सकते है निदान: डॉ अनुश्री

गाजियाबाद। एनसीडी यूनिट एमएमजी अस्पताल में शनिवार को ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजिस्ट सर्जन डॉ अनुश्री उपस्थित रहे। ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजिस्ट सर्जन डॉ अनुश्री ने कहा कैंसर को लेकर संगोष्ठी कार्यक्रम एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा प्रतिदिन जिस रफ्तार से स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह चिंताजनक है। सभी की जिम्मेदारी है कि आसपास ऐसे दिखे तो उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाएं, ताकि कैंसर जैसी बीमारी से उसकी मौत न हो। जागरूकता और शीघ्र पता लगाने से, इसके बढ़ते बोझ को रोका जा सकता है और यह स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में पहला कदम है। महिलाओं में प्रारंभिक अवस्था में शर्मीलापन और भय प्रमुख व्यावहारिक बाधाएं हैं। निम्न आर्थिक वर्ग की वित्तीय परेशानी भी इलाज में देरी के रूप में एक बड़ा कारण है।

इस बीमारी के बारे में, विशेषकर निम्न सामाजिक-आर्थिक वर्ग में जागरूकता का अभाव है। अपने स्वयं के स्वास्थ्य और सामाजिक और व्यावहारिक बाधाओं को प्राथमिकता देने में महिलाओं में दुविधा रहती है। इसलिए समाज में विभिन्न स्तरों पर उपयुक्त जागरूकता अभियान चलाए जाने जरूरी हैं। डॉ. पवन कुमारी ने कहा स्तन कैंसर वैश्विक स्तर पर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है स्तन कैंसर के बारे में महिलाओं की जागरूकता बढ़ाकर निदान और उपचार में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है। इसलिए इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है। आज के समय में गतिहीन जीवन शैली, देर से विवाह, देरी से बच्चे का जन्म, जागरूकता की कमी, स्क्रीनिंग और उपचार तक सीमित पहुंच स्तन कैंसर के मुख्य कारक हैं। स्तन कैंसर को कुछ मामलों में रोका जा सकता है और अधिकांश मामलों में इसका इलाज किया जा सकता है।

लेकिन आवश्यकता इस बात की है कि महिलाएं इसके प्रति सचेत हो जाएं। ब्रेस्ट कैंसर विश्व स्तर पर बढ़ती एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता है। भारत में तो हर चार मिनट में एक महिला का निदान होने से यह सबसे आम कैंसर बन जाता है। 50 प्रतिशत महिलाओं में उन्नत चरणों में निदान होता है जिसके कारण मृत्यु दर लगभग 45 प्रतिशत हो जाती है। इसलिए भारत में स्तन कैंसर निदान के एक्सलेटेड स्टेज, और बढ़ती मृत्यु दर को देखते हुए महिलाओं में कैंसर साक्षरता को बढ़ाना जरूरी है। इस दौरान सीएमएस रेडियोलाजिस्ट डॉ राकेश शर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ अनवर अंसारी, एसीएमओ डॉ चरण सिंह, डीएसओ डॉ राकेश गुप्ता, नोडल ऑफिसर आदि उपस्थित रहे।