मुरादनगर नगर पालिका के रिकॉर्ड रूम को एसआईटी ने किया सील

श्मशान घाट हादसा, पालिका दफ्तर पहुंची जांच टीम

गाजियाबाद। उखलारसी श्मशान घाट प्रकरण की जांच में जुटी स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) पर शनिवार को एकाएक मुसीबत आ पड़ी। एसआईटी टीम की गाड़ी में रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। गनीमत रही कि टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रारंभिक जांच-पड़ताल की है। पुलिस का कहना है कि एसआईटी टीम के सभी सदस्य सकुशल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) के 5 सदस्य शुक्रवार को मुरादनगर पहुंचे थे। टीम का नेतृत्व आईपीएस देवरंजन कर रहे हैं। टीम में सीओ अजय सिंह, इंस्पेक्टर अशोक कुमार यादव, विनोद कुमार व एके शुुक्ला शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मुरादनगर में शुक्रवार की सुबह एसआईटी सदस्यों की गाड़ी में पीछे से रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। मुरादनगर थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि एसआईटी की गाड़ी में बस की मामूली टक्कर लगी थी। मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। किसी को चोट नहीं आई है। शनिवार को एसआईटी की टीम नगर पालिका के कार्यालय में पहुंची और रिकार्ड रूम को सील कर दिया। इसके साथ ही जांच पड़ताल कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। माना जा रहा है कि इस मामले में अभी और कार्रवाई होगी। इसके साथ ही टीम के सदस्यों ने कई घंटे मौके पर रहकर पूरी तरह से जांच पड़ताल की। इससे अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। बता दें कि 3 जनवरी को बबा मार्ग स्थित श्मशान घाट में 76 वर्षीय जय राम के अंतिम संस्कार करने के दौरान लेंटर गिरने से दो दर्जन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में जय राम के पुत्र दीपक ने मुरादनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने अधिशासी अधिकारी निहारिका चौहान, पूर्व जेई चंद्रपाल सिंह, ठेकेदार अजय त्यागी, संजय गर्ग और निजी सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी की पांच सदस्य टीम शुक्रवार को मुरादनगर पहुंची थी और श्मशान घाट का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए थे, वही मौजूद चश्मदीदों के बयान भी दर्ज किए थे।