-किसानों को बर्बाद करने पर आमादा है भाजपा सरकार
-महापंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
गाजियाबाद। नए कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून भाजपा की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। भाजपा इन कानूनों के जरिए देश के किसानों को बर्बाद करने पर आमादा है। मोदीनगर के भोजपुर ब्लॉक में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि देश की जनता भाजपा को आगामी चुनावों में सबक सीखाने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ समाधान तक, आखिरी सांस तक संघर्ष चलेगा और हम जीतेंगे। भाजपा द्वारा तीनों कृषि बिल लागू कर किसानों को बदनाम करने व खेती को हड़पने की साजिश रची जा रही है। जिसे देश का किसान कतई बर्दाश्त नही करेगा। उन्होंने कहा कि यदि तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए गए और एमएसपी लागू नहीं की तो बड़ी-बड़ी कंपनियों के गोदाम को ध्वस्त करने का काम भी देश का किसान करेगा। रालोद नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों को पूरे देश के किसान हिम्मत देने का काम कर रहे हैं। जयंत चैधरी ने कहा कि आजादी से
पहले और आजादी के बाद भी देश में होने वाले तमाम किसान आंदोलनों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने हमेशा समर्थन दिया है और ना सिर्फ समर्थन दिया है बल्कि उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। उन्होंने भाजपा पर हमला कर कहा कि जिन्हें दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान नहीं दिख रहे हैं, मुझे उनमें इंसानियत नहीं दिख रही है। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल के बयान की निंदा कर जयंत ने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि कैसे किसी पार्टी में रह सकता है, जो
किसान की शहादत का उपहास उड़ाता है। हरियाणा विधान सभा में कल हुए अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि बेशक सदन में उन्हें 55 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया हो, मगर किसानों की नजरों में वे विश्वास खो चुके हैं। जयंत चौधरी ने आगे कहा कि 15 तारीख को मैं टांडा में किसान महापंचायत को संबोधित करने जा रहा हूं। उसके बाद 20 तारीख को इलाहाबाद में किसान महापंचायत को संबोधित करुंगा। क्या टांडा और इलाहाबाद में भी जाट हैं। चेतावनी दी कि इसलिए इस आंदोलन को बांटने की कोशीश मत कीजिएए यह पूरे देश के किसानों का आंदोलन है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर कटाक्ष कर उन्होंने कहा कि शासन चलाने वाला ऐसा होना चाहिए जो समाज को जोडकऱ रखे। परंतु योगी और मोदी जब भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आते हैं वो 2013 के दंगे की बात करते हैं, वो कैराना के फर्जी पलायन की बात करते हैं। उनके पास समाज को बांटने के अलावा कुछ नहीं है। जयंत ने भाजपा की कथनी-करनी में अंतर का संदेश देकर कहा कि देश का किसान अब भाजपा को आगामी लोकसभा व विधान सभा चुनावों में सबक सिखाने का काम करेगा। महापंचायत को पूर्व विधायक पं. सुदेश शर्मा, जगत सिंह दौसा, अय्यूब अली, रणबीर दहिया, अमरजीत सिंह बिड्डी, अजय प्रमुख, उदित राज नेहरा, सतेंद्र तोमर, इंद्रजीत सिंह टीटू, तेजपाल सिंह, राजकुमार सांगवान व शाहिद प्रधान आदि ने भी संबोधित किया।
















