डायलिसिस के मरीजों के साथ यशोदा कौंंशाबी ने मनाया विश्व किडनी दिवस

गाजियाबाद। यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी के वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज गुप्ता ने डायलिसिस के मरीजों के साथ आज विश्व किडनी दिवस मनाने के लिए केक काटा। उन्होंने गुर्दे की बीमारियों एवं डायलिसिस के बारे में जागरूकता व्याख्यान भी दिया। डॉ. मनोज गुप्ता ने कहा कि विश्व किडनी दिवस हर साल 11 मार्च को मनाया जाता है। इसका मकसद दुनिया में किडनी से संबंधित बीमारियों के बढ़ते मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करना है ताकि इन पर लगाम लगाई जा सके। इसका उद्देश्य दुनिया भर में गुर्दे की बीमारियों के बढ़ते प्रसार को रोकना है। अस्पताल के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप अग्रवाल ने बताया कि 2021 में वल्र्ड किडनी डे की थीम किडनी हेल्थ फॉर एवरीवन एवरीव्हेयर लीविंग वेल विद किडनी डिजीज है। यानी किडनी रोग के साथ अच्छी तरह से रहना और बेहतर सेहत के लिए गुर्दों को सही रहना जरूरी है। डॉ. कुलदीप अग्रवाल ने कहा कि गुर्दे को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी डाइट काफी महत्वपूर्ण है और हम कई बार अपने खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाते हैं और जिसकी वजह से गुर्दे के रोगों में बढ़ोतरी हो रही है। मरीजों ने अस्पताल के एवं डॉक्टरों के इस कदम की काफी सराहना की। कहा की वे अब खुद को ज्यादा आत्मविश्वास से भरा पा रहे हैं और डायलिसिस कराने में उनका भरोसा और बढ़ा है। डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि ऐसे मरीज जो किडनी ट्रांसप्लांट कराने में असमर्थ हैं, उनके लिए अब नई तकनीक एवं सुविधाओं से डायलिसिस कराना बहुत आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि 10 से 15 साल से लगातार डायलिसिस करा रहे मरीज भी उनके पास आते हैं और उन्हें कोई असुविधा नहीं है। वह इनके जीवन का एवं दिनचर्या का एक अंग बन चुका है। डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि किडनी फेलियर या किडनी के गंभीर रोगों के लक्षण लोगों में बहुत देर से आते हैं और सामान्यत: तब तक एक या दो किडनी खराब हो चुकी होती हैं। इसलिए ऐसे लोग जिनमें उच्च रक्तचाप, डायबिटीज या अन्य कोई गंभीर लोग अथवा 45 साल से ऊपर के लोग हैं, इन्हें नियमित रूप से अपनी सीरम यूरिया एवं क्रिएटिनिन और यूरीन रूटीन माइक्रोस्कोपिक एग्जामिनेशन हर साल कराते रहना चाहिए, जिससे किडनी की समस्या शुरुआती स्टेज में ही पकड़ी जा सके और यह गंभीर रूप ना ले सके। उन्होंने कहा कि रोजाना 8 से 10 गिलास पानी का सेवन हमारी किडनी को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा हमें खाने में फल और हरी सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने गुर्दे की बीमारियों के बढऩे की एक बड़ी वजह की ओर इशारा करते हुए कहा कि कम मात्रा में पानी पीना और ज्यादा मात्रा में नमक का सेवन करना किडनी के लिए नुकसानदायक है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह से दर्द नाशक दवाओं को अधिक मात्रा में लेना, धूम्रपान एवं मदिरापान से यह समस्या बढ़ रही है।