-नगर आयुक्त ने नालों की सफाई व ट्रांसफर स्टेशन पर चल रहे कार्यों का लिया जायजा
गाजियाबाद। नगर निगम ने बारिश में होने वाले जलभराव से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। नालों की सफाई कराई जा रही है। शहर में कई कालोनियों में जलभराव की समस्या है। अधिक बारिश हो जाने पर नाले उफन जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने वर्षा काल से पहले ही नालों की सफाई कराने का कार्य आरंभ कर दिया है। साथ ही नालों से निकाली जा रही सिल्ट को सूखने के साथ ही उसे उठाया भी जा रहा है। मानसून से पहले बड़े नालों की तली झाड़ साफ-सफाई तेज हो गई है। नगर निगम के लिए शहर के सभी छोटे-बड़े मिलाकर 525 नालों की मानसून आने से पहले तली झाड़ सफाई कराना बड़ी चुनौती दिख रहा है। हालांकि नगर निगम द्वारा नालों की सफाई का कार्य जारी है।
मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अपर नगर आयुक्त अवीन्द्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, जोन के एसएफआई हिमांशु आदि अधिकारियों के साथ वसुंधरा जोन क्षेत्र अंतर्गत नालों की सफाई तथा जोन क्षेत्र में गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन पर चल रहे कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया। नगर आयुक्त ने बृज विहार नाले की सफाई देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले शहर के सभी नालों की बेहतर तरीके से सफाई कराई जाए। ताकि जलभराव न हो। निगम द्वारा मशीनों से मैकेनाइज्ड तरीके से नाले की सफाई कराई जा रही हैं। शहर में कुल मिलाकर 525 नालों की सफाई कराई जा रही है। इनमें से बड़े 109 नालों की सफाई का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।
जबकि निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैकेनाइज्ड तरीके से 197 छोटे नाले तथा 219 मध्य नालों की सफाई का कार्य कराया जा रहा हैं। नगर आयुक्त ने वसुंधरा जोन क्षेत्र अंतर्गत 11 किलोमीटर लंबे बृज विहार नाले का औचक निरीक्षण किया। मौके पर सफाई होते हुए मिली। इस नाले की 35 से 40 प्रतिशत सफाई 53 फीट लंबी बूम पोकलेन मशीन से कराई जा चुकी है। नगर आयुक्त ने मौके पर सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों से सावधानी पूर्वक कार्य करने के लिए कहा। मानसून से पहले नालों की सफाई का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही नगर आयुक्त ने वसुंधरा जोन क्षेत्र के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का भी जायजा लिया। यहां पर मैकेनाइज्ड तरीके से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पर लगभग 150 से 200 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना वसुंधरा जोन क्षेत्र का प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाने का कार्य हुक लोडर से कराया जा रहा है। कूड़े को ढक कर यहां तक पहुंचाया जाता है। निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोकलेन, जेसीबी व हाईवा के जरिए नालों की सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके साथ ही नालों से निकलने वाली सिल्ट को भी सूखने पर उठाया जा रहा हैं।

















