विधान सभा चुनाव : शराब तस्करों पर नकेल कसने को मंथन

-जनपद में बनाए जाएंगे 3 चेक पोस्ट, तस्करी रोकने को रणननीति तैयार

गाजियाबाद। विधान सभा चुनाव-2022 के मद्देनजर जिला आबकारी विभाग ने अभी से कमर कसना शुरू कर दिया है। इसके चलते शराब तस्करी रोकने के लिए चेक पोस्ट, बॉर्डर एवं रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी करने का निर्णय लिया गया है। यूपी में अगले साल विधान सभा चुनाव होने हैं। चुनाव के दौरान शराब तस्कर मनमानी करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर आबकारी विभाग में पहले से सतर्क होना पड़ा है। दिल्ली के रास्ते गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब की खेप न पहुंच सके, इसे लेकर ठोस रणनीति पर चर्चा की गई है। उप्र के आबकारी आयुक्त के निर्देश पर शुक्रवार को मेरठ जोन के संयुक्त आबकारी आयुक्त महेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले के अधिकारियों के साथ जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में अहम बैठक की। बैठक में संयुक्त आबकारी आयुक्त महेंद्र सिंह ने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर गाजियाबाद जिले में 3 चेक पोस्ट प्रस्तावित की गई हैं। इन पर दूसरे प्रदेशों से शराब की अवैध तस्करी रोकने के लिए टीमें तैनात की जाएंगी। संयुक्त आबकारी आयुक्त महेंद्र सिंह ने उपायुक्त आबकारी आर.के. शर्मा, सहायक आबकारी आयुक्त दिल्ली नरेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह, गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी आयुक्त राकेश बहादुर सिंह, दिल्ली के आबकारी निरीक्षक सत्यव्रत भार्गव आदि के साथ विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव के दौरान दिल्ली व दूसरे राज्यों से जिले में अवैध रूप से शराब की तस्करी रोकने के लिए योजना बनाई गई है। जिला गाजियाबाद में 3 चेक पोस्ट प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें भोपुरा, अप्सरा बॉर्डर ट्रांसपोर्ट नगर एवं विजय नगर क्षेत्र शामिल हैं। विधान सभा चुनाव के दौरान यह चेक पोस्ट शुरू कर दिए जाएंगे। इन चेक पोस्ट के चालू होने के बाद अवैध रूप से शराब की तस्करी पर अंकुश लगना संभव हो सकेगा। उन्होंने आबकारी विभाग दिल्ली से अपील की कि सीमापुरी, मयूर विहार, आनंद विहार पर चेक पोस्ट प्रस्तावित किए जाएं। दिल्ली से किसी भी प्रकार की शराब गाजियाबाद या फिर अन्य जिलों में न तस्करी न होने पाए। इसे लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। क्योंकि गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर दिल्ली से सटा होने के चलते शराब तस्करी की संभावना ज्यादा रहती है। जिस पर अकुंश लगाने के लिए सभी अधिकारी अभी से जुट जाएं। संयुक्त योजना से ही अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना संभव हो सकेगा।