उद्धव ठाकरे, शरद पवार, आदित्य व सुप्रिया सुले को नोटिस
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है। पिछले चुनाव में दाखिल शपथ पत्र में जरूरी जानकारी उपलब्ध न कराने पर महाराष्ट्र के इन दोनों दिग्गज नेताओं के प्रति आयकर विभाग की नजर टेड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को भी नोटिस मिला है। इन नोटिस की टाईमिंग को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है। उद्धव ठाकरे, शरद पवार, आदित्य ठाकरे और सुप्रिया सुले ने पिछले चुनाव के दरम्यान इलेक्शन कमिशन के समक्ष हलफनामा दाखिल किया था। आरोप है कि हलफनामे में कई जानकारी नहीं दी गईं। इसके अलावा कुछ जानकारी अधूरी थीं। शिकायत कर्ताओं ने अपने दावे के पक्ष में कुछ साक्ष्य भी सौंपे हैं। इससे साफ है कि इन नेताओं ने हलफनामे में सही जानकारी नहीं दी है। चुनाव आयोग ने इस प्रकरण की जांच सीबीडीटी को सौंपी है। सीबीडीटी की जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इन नेताओं के खिलाफ रिप्रजेटेंशन ऑफ पीपल एक्ट की धारा-125ए के तहत केस दर्ज हो सकता है। कानूनी जानकारों का कहना है कि इस सेक्शन के अंतर्गत अधिकतम 6 माह की जेल या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। उधर, आयकर विभाग का नोटिस मिलने की बात को एनसीपी नेता शरद पवार ने स्वीकार किया है। उन्होंने टिप्पणी की कि अच्छी बात है कि सभी संसद सदस्यों में से हमें नोटिस मिल रहा है। बता दें कि कृषि बिल के मुद्दे पर एनसीपी ने विपक्ष का समर्थन किया है। जबकि सुशांत सिंह राजपूत केस सहित कुछ मुद्दों पर महाराष्ट्र सरकार भाजपा के निशाने पर है। शिवसेना और एनसीपी नेताओं को आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस की टाईमिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
















