-भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं से गाजियाबाद को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत
-रामायण थीम पार्क, स्पोर्ट सिटी और किसानों को भूखंड आवंटन जैसी योजनाओं ने जीडीए के प्रयासों को दिया नई पहचान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, नेहरू नगर में आयोजित विकसित भारत—विकसित उत्तर प्रदेश-2047 कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जीडीए के स्टॉल और परियोजनाओं का निरीक्षण किया और उपाध्यक्ष अतुल वत्स के कुशल नेतृत्व और शहर हित में उनके उत्कृष्ट प्रयासों की खुलकर सराहना की। कार्यक्रम के दौरान जीडीए ने मधुबन-बापूधाम योजना, हरनंदीपुरम आवासीय परियोजना, औद्योगिक टाउनशिप, स्पोर्ट सिटी और विभिन्न थीम आधारित पार्कों सहित शहर के विकास की भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सभी योजनाओं का बारीकी से विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और बताया कि कैसे ये परियोजनाएं गाजियाबाद को 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।
मधुबन-बापूधाम योजना के तहत 1234 एकड़ भूमि में लगभग 1000 किसानों को विकसित भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं। हरनंदीपुरम आवासीय परियोजना में अब तक 20 एकड़ से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है, जिससे किसानों के हितों की सुरक्षा और शहर के विकास में संतुलन बनाए रखा जा सके। जीडीए ने औद्योगिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें नई औद्योगिक टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आस-पास स्पोर्ट सिटी और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। गाजियाबाद के हरित विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए जीडीए ने कई पार्कों का निर्माण किया है। कोयल एन्कलेव में 22,700 वर्गमीटर क्षेत्रफल में रामायण थीम पार्क, इंदिरापुरम में 57,667 वर्गमीटर में संस्कृतिक दर्शन पार्क, और साहिबाबाद के डॉ.राम मनोहर लोहिया पार्क का जीर्णोद्धार प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं। इसके अलावा, सिटी फॉरेस्ट पार्क का पुनर्विकास भी गाजियाबाद के हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान देगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के प्रयास और उपाध्यक्ष अतुल वत्स का नेतृत्व उत्कृष्ट है। इन परियोजनाओं से न केवल शहर के नागरिकों को लाभ मिलेगा बल्कि यह शहर को 2047 तक विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के मिशन में अग्रणी बनाएगा। उन्होंने अधिकारियों को और भी सक्रियता के साथ कार्य करने और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि हमारी टीम लगातार प्रयास कर रही है कि गाजियाबाद में हर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो। मधुबन-बापूधाम योजना के तहत किसानों को विकसित भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं, हरनंदीपुरम योजना में भूमि अधिग्रहण और औद्योगिक टाउनशिप की तैयारी तेजी से चल रही है।
रामायण थीम पार्क, स्पोर्ट सिटी और संस्कृतिक दर्शन पार्क जैसी परियोजनाओं से शहर का हरित और सांस्कृतिक स्वरूप मजबूत होगा। हमारा लक्ष्य है कि गाजियाबाद न सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में मॉडल शहर के रूप में उभरे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजनाओं की तकनीकी, वित्तीय और सामाजिक लाभकारी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने जीडीए की टीम और विशेष रूप से उपाध्यक्ष अतुल वत्स की कार्यशैली और योजनाओं की स्पष्ट रूपरेखा की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरित किया कि वे गाजियाबाद को और भी विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए इसी तरह निरंतर प्रयासरत रहें।

















