-अप्रैल से हाउस टैक्स के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का भेजा जाएगा बिल
गाजियाबाद। नगर निगम अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए सर्वे की तैयारी कर रहा है। यदि आपने अपने मकान में कुछ परिवर्तन कराया यानी और ज्यादा कमरे बनवा लिए हैं या आवासीय भवन का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैैं तो आपको नगर निगम में टैक्स जमा करना होगा। शहर में रिहायशी मकानों में अवैध रूप से संचालित की जा रही दुकानों से हाउस टैक्स वसूलने की कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम ने इन दुकानों को मिक्स यूज प्रॉपर्टी की श्रेणी में रखा है। म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर नगर निगम ने घरों में दुकान करने वालों से हाउस टैक्स वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने इन दुकानों को मिक्स यूज प्रॉपर्टी की श्रेणी में रखा है। इसके लिए नगर निगम ने जोनवार सर्वे करना शुुरू कर दिया है। निगम के पास प्रत्येक दुकान का रिकॉर्ड रहेगा। नगर निगम फिलहाल तीन श्रेणी में हाउस टैक्स वसूल रहा है। इनमें आवासीय, औद्योगिक और कॉमर्शियल श्रेणी हैं। नगर निगम के सभी पांच जोन में आवासीय भवनों की संख्या 3,38,474 है। अनावासीय भवन 26,220 हैं। आवासीय भवनों में दुकानें चल रही हैं। जिन भवनों में दुकानें चल रही हैं उनकी अभी तक कोई श्रेणी नहीं थी। लेकिन अब मकानों में दुकान चलाने वालों भवनों की पहचान होगी। इन सभी दुकानों को मिक्स यूज प्रॉपर्टी की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके बाद सभी से हाउस टैक्स की वसूली होगी। शहर में अभी तक दुकानों पर टैक्स नहीं लग रहा था। नगर निगम द्वारा शहर में कंपनी से कराए जा रहे सर्वे का काम अप्रैल अंत तक पूरा हो जाएगा। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि मिक्स यूज प्रॉपर्टी के लिए सर्वे कराया जा रहा है। अप्रैल तक सर्वे पूरा हो जाएगा। सर्वे के बाद स्पष्ट होगा कि किस मकान में कितनी दुकानें हैं। इसका पता लगने के बाद नए सिरे से टैक्स बिल भेजे जाएंगे। प्रत्येक दुकान की जानकारी निगम के पास रहेगी। इससे निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि हाउस टैक्स के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बिल भेजे जाएंगे। अप्रैल से चालू वित्त वर्ष में हाउस टैक्स के साथ कूड़ा कलेक्शन के भी बिल भेजे जाएंगे। निगम ने इस बार कूड़ा का बिल वसूलने के लिए अलग से बिल भेजे हैं। अप्रैल में गृहकर के नए बिल जारी होंगे। उनके साथ ही कूड़ा कलेक्शन बिल भेजा जाएगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल 134 करोड़ रुपए की अभी तक हाउस टैक्स की वसूली हुई हैं। वसुंधरा जोन में सबसे ज्यादा 55 करोड़ 10 लाख रुपए टैक्स के वसूले गए। सिटी जोन में 23 करोड़ 14 लाख, विजय नगर जोन में 8 करोड़ 17 लाख, कवि नगर जोन में 28 करोड़ 65 लाख और मोहननगर जोन में 18 करोड़ 72 लाख की वसूली की जा चुकी है। 31 मार्च तक टैक्स की वसूली ओर बढ़ेगी। बता दें कि पिछले साल नगर निगम को 130 करोड़ 46 लाख रुपए टैक्स की वसूली के रूप में वसूले थे। नगर निगम के शहर में सभी 100 वार्डों में सबसे अधिक गोविंदपुरम,सेक्टर-23 संजयनगर,शास्त्री नगर,पटेल नगर,हरसांव,विजय नगर, प्रताप विहार, नंदग्राम, गांधीनगर, साहिबाबाद, कौशांबी,वैशाली आदि इलाकों में आवासीय भवनों में दुकानें चल रही है। इन सभी मकानों से अभी तक हाउस टैक्स ही वसूला जा रहा है। निर्माण के दौरान केवल मकान बताया गया था। इसके बाद में मकान के एक हिस्से में दुकान बना ली गई। मगर अब दुकानों से भी हाउस टैक्स वसूला जाएगा। अपै्रल से शहरी क्षेत्र के ग्रामीण वार्ड भी हाउस टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। अप्रैल में लोगों के पास टैक्स के बिल भेजे जाएंगे।
















