विधान सभा के बाहर खालिस्तानी झंडे, सीएम ने जांच के आदेश दिए

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में पंजाब से आए कुछ अराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। अराजक तत्वों ने हिमाचल विधान सभा के मुख्य द्वार और दीवारों पर खालिस्तान के झंडे लगा दिए। इसकी जानकारी मिलने पर सरकारी तंत्र में एकाएक हड़कंप मच गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से दोषियों की जानकारी जुटाई जा रही है। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

वहीं कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक ने इस घटना में पंजाब के कुछ पर्यटकों की भूमिका होने की आशंका जाहिर की है। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यह राज्य यह जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब के साथ अपनी सीमा साझा करता है। धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश विधान सभा के मुख्य द्वार और चारदीवारी पर रविवार की सुबह खालिस्तान के झंडे बंधे मिलने की घटना की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने निंदा की है। उन्होंने राज्य के नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

सीएम ने साफ कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दोषियों को पकड़ने के लिए आदेश भी दे दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि दोषियों ने विधान सभा परिसर के आंतरिक हिस्सों में पुलिस की तैनाती का फायदा उठाकर दीवारों और गेट पर झंडे लगा दिए। दोषियों के विषय में जानकारी जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है।