-भीड़-भाड़ वाले इलाकों से लेकर स्कूलों तक अभियान, कर्मचारियों को दिया त्वरित प्रशिक्षण
गाजियाबाद। उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में 6 दिसंबर को हुई दिल दहला देने वाली भीषण आग की घटना में 25 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हृदयविदारक हादसे ने प्रशासन और जनसुरक्षा से जुड़े विभागों को सख़्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इसी के तहत गाजियाबाद दमकल विभाग ने बेहद गंभीरता और तत्परता दिखाते हुए शहर के मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, स्कूल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान तेज कर दिया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल की कार्यशैली इन दिनों विशेष चर्चा में है। फील्ड पर लगातार मौजूद रहते हुए वे न केवल टीम के साथ चेकिंग करा रहे हैं, बल्कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त न करने के स्पष्ट निर्देश भी जारी कर चुके हैं। इसी सख़्ती का नतीजा है कि विभाग ने सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले 25 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करते हुए तुरंत कमियाँ दूर करने का आदेश दिया है। चेतावनी भी जारी की गई है कि सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ तो कठोर कार्रवाई अवश्य होगी। सीएफओ राहुल पाल ने कहा कि गोवा घटना जैसी त्रासदी गाजियाबाद में बिल्कुल भी नहीं होने दी जाएगी।
दमकल विभाग ने सभी होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल और अन्य भवन स्वामियों को अपने परिसर में स्थापित विद्युत सुरक्षा प्रणाली का पूरा सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग ने यह स्पष्ट किया कि अधिकांश आग की घटनाएँ शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं, इसलिए बिजली सुरक्षा को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठानों को यह आदेश दिया गया।
निकास मार्ग पूर्णत: अवरोध मुक्त रखे जाएँ
• फायर सिस्टम हमेशा स्वचालित मोड (ऑटो मोड) पर रहे
• सभी अग्निशमन उपकरण समय पर सर्विस और निरीक्षण में हों
• कर्मचारियों को आग से सुरक्षा और निकासी प्रक्रिया की नियमित ट्रेनिंग दी जाए
• स्कूलों में भी जागरूकता अभियान, 60 लोगों को दिया प्रशिक्षण
दमकल विभाग ने स्कूलों में भी सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज किया है। डीजीआर पब्लिक स्कूल, निवाड़ी रोड मोदीनगर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 60 लोगों को अग्निशमन उपकरण चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों, कर्मचारियों और प्रबंधन को आपात स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश
• फायर सिस्टम हमेशा सुचारु और सक्रिय स्थिति में रहे।
• बिजली प्रणाली का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
• आपात मार्गों पर किसी भी प्रकार की बाधा न हो।
• समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।
कठोर, सजग और जनसुरक्षा के प्रति समर्पित अधिकारी
सीएफओ राहुल पाल की कार्यशैली को लेकर आमजन और प्रशासनिक हलकों में विशेष चर्चा है।
वे स्वयं फील्ड पर उतरकर चेकिंग कराने के लिए जाने जाते हैं। सुरक्षा नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हैं। जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लगातार जागरूकता अभियान संचालित कर रहे हैं। कमियों को छिपाने के बजाय उन्हें ठीक कराने पर जोर देते हैं। उनकी अगुवाई में गाजियाबाद दमकल विभाग लगातार यह साबित कर रहा है कि सुरक्षा केवल दस्तावेजों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखनी चाहिए। दमकल विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया जाएगा। यदि सभी प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों का पालन करने लगें, तो गोवा जैसी कोई भी त्रासदी गाजियाबाद में कभी नहीं दोहराई जाएगी।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी


















