हजरतबल दरगाह में नहीं पढ़ पाए ईद की नमाज
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार को मिलाद-उन-नबी के अवसर पर नमाज अता करने के लिए घर से बाहर नहीं जा सके। डॉ. फारूक की सुरक्षा में मुस्तैद टीम ने उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्हें पुन: घर के भीतर नजरबंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन के इस रवैये का नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने विरोध किया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार की सुबह ईद की नमाज अता करने को घर से बाहर जाने लगे। उन्हें हजरतबल दरगाह पर जाकर नमात अता करनी थी, मगर सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उन्हें बाहर से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। डॉ. अब्दुल्ला ने इसका विरोध भी किया, मगर सुरक्षा कर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी। एक तरह से उन्हें एक बार फिर घर में नजरबंद कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि वह किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं बल्कि ईद की नमाज अता करने के लिए दरगाह जाना चाहते हैं। उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं ने जिला प्रशासन के इस रूख पर आपत्ति जताई। नेताओं ने कहा कि नमाज पढऩा प्रत्येक मुस्लिम का मौलिक अधिकार है। प्रशासन ने इसकी उल्लंघना की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने कहा कि मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसर पर प्रशासन की यह कार्रवाई उचित नहीं है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में भूमि की खरीद-फरोख्त के नए नियमों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इन नियमों का जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दल पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इन दलों ने संयुक्त संगठन भी बना लिया है। पीडीपी ने वीरवार को श्रीनगर में प्रोटेस्ट रैली निकालने की घोषणा की थी। ऐसे में पुलिस ने पीडीएम प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हिरासत में ले लिया था।















