-सामजिक कुरितयों पर कलाकारों ने किया प्रहार
नई दिल्ली। श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय (दिल्ली विश्व विद्यालय) की नाट्य समिति नवरंग एवं योगेश त्रिपाठी द्वारा बुधवार को रचित नाटक मुझे अमृता चाहिए पर आधारित नाटक अमृता का सफल ऑनलाइन मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन समर्थ थिएटर ग्रुप के संस्थापक संदीप रावत ने किया। नाटक की कथा वस्तु विजया नामक पात्र के इर्द.गिर्द घूमती है। नाट्य मंचन में मुख्य अतिथि प्रथम दिव्यांग आईएएस अधिकारी सुश्री ईरा सिंघल रहीं।
जिसका सहमा और सरल व्यक्तिव अमृता प्रीतम पर आधारित नाटक मे अभिनय के दौरान बदलाव अनुभव करता है। जिसमें अपने हक के लिए आवाज उठाना और आत्मनिर्भर होना, पितृ सत्ताव, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को लेकर मंचन किया गया। जिसमें बताया गया कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना एक महिला के लिए कितना अपमानजनक हो सकता है, लेकिन वह हार नहीं मानती और अंत तक लड़ाई लड़ती है। दूसरी ओर कुछ परंपराएं ऐसी भी हैं जो बदलते समय के साथ-साथ अधिक विकराल ग्रहण करती जा रही हैं।
दहेज प्रथा ऐसी ही एक कुरीति बनकर उभरी है जिसने ना जाने कितने ही परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस प्रथा के अंतर्गत युवती का पिता उसे ससुराल विदा करते समय तोहफे और कुछ धन देता है। अब यही धन वैवाहिक संबंध तय करने का माध्यम बन गया है। करीब 70 मिनट के इस नाटक को ज़ूम प्लेटफार्म पर रिकॉर्ड कर यूट्यूब एवं फेसबुक के माध्यम से प्रसारित किया गया। प्राचार्या डॉ साधना शर्मा के मार्ग दर्शन एवं समिति.सदस्यों के सहयोग से छात्राओं ने ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों ही प्रकार की कार्यशालाओं में भाग लिया था। जिसका सुखद परिणाम छात्राओं का परिपक्व अभिनय रहा।
















