अमेरिका का मोहरा बनकर खुद को बर्बाद कर रहा यूक्रेन, तीसरे विश्व युद्ध की आशंका प्रबल

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। जंग को रोकने के वैश्विक प्रयास अब तक नाकाफी साबित हुए हैं। तीसरे विश्व युद्ध की गहराती आशंका ने पूरी दुनिया को चिंतित कर रखा है। ना रूस पीछे हटने को तैयार है, न यूक्रेन के तेवर नरम पड़ रहे हैं। ऐसे में संकट निरंतर बढ़ रहा है। सिर्फ अमेरिका की वजह से यूक्रेन जिद पर अड़ा है। दिन-प्रतिदिन देश में तबाही होने के बावजूद यूक्रेन के राष्ट्रपति बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और रूस के आपसी मतभेद किसी से छुपे नहीं हैं। इन दो ताकतवर मूल्कों की आपसी लड़ाई में फंसकर यूक्रेन खुद का नुकसान कर रहा है।

राष्ट्रपति के मनमाने फैसले
अमेरिका यदि यह घोषणा कर दे कि वह यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं करेगा तो, युद्ध थम सकता है, मगर अमेरिका और यूक्रेन इस मुद्दे पर बढ़-चढ़कर बोल रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति के मनमाने फैसले ने बड़ी आबादी को मुसीबत में डाल दिया है। भविष्य में युद्ध समाप्त हो भी जाएगा। रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेता आपस में गले मिलेंगे और हाथ मिला लेंगे, मगर युद्ध की भेंट चढ़े नागरिकों की जान वापस नहीं आएगी।

पश्चिमी देशों की रणनीति विफल
यूक्रेन के समर्थन में खुलकर उतरने के बावजूद पश्चिमी देश रूस को डराने में नाकाम रहे हैं। मॉस्को पर अभूतपूर्व प्रतिबंध लगा दिए गए हैं, मगर वह पीछे हटने को राजी नहीं है। उलटे हालात और खराब होने की उम्मीद की जा रही है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ाने के पश्चिमी देशों के पास सीमित विकल्प हैं। जी-7 देशों ने रूस पर और अधिक कड़े नए प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि हम पहले से ही असाधारण दबाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, मगर पुतिन पर इन सब का प्रभाव पड़ता दिखाई नहीं पड़ रहा है।

नाटो पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की एकाएक नाटो पर भड़क गए हैं। दरअसल जेलेंस्की की उस अपील को नाटो ने खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन को नो-फ्लाई जोन घोषित करने की अपील की थी। यह मांग खारिज होने के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने नाटो के प्रति नाराजगी दिखाई है। जेलेंस्की ने कहा कि पश्चिम का सैन्य गठबंधन यूक्रेन में होने वाली मौतों और विनाश के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नाटो की कमजोरी और एकता की कमी मास्को के हाथों को पूरी तरह से खोल देगी। रूस हवाई हमले तेज कर देगा।

यूक्रेन की महिला की पीएम मोदी से अपील
यूक्रेन की ओलीजा ने पीएम नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से अपील की है कि वह उनके देश में चल रहे रूसी सैन्य अभियान के बीच यूक्रेन की हरसंभव मदद करें। ओलीजा ने कश्मीरी युवक से निकाह किया है। वह वर्तमान में कश्मीर के पुलवामा जनपद के त्राल क्षेत्र में रहती हैं। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत दुख हो रहा है। मेरा दिल रोता है क्योंकि मेरा परिवार वहां है। मैं पीएम मोदी और भारत सरकार से कहना चाहती हूं कि किसी भी तरह से यूक्रेनियन की मदद करने की कोशिश करें। रास्ता संभव है। वे शांतिपूर्ण लोग हैं।

चीन ने चुपके से बढ़ाया रक्षा बजट
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। अब दूसरे देशों के रक्षा बजट पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। चीन भी अपने रक्षा बजट में भारी वृद्धि करने जा रहा है। चीन ने अपने रक्षा बजट में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि कर 230 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव किया है। यह पिछले साल के 209 अरब डॉलर के मुकाबले 21 अरब डॉलर अधिक है। बता दें कि चीन का भारत के साथ लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। कई दौर की बातचीत के बावजूद यह मामला निपट नहीं पाया है। इसके अलावा ताइवान पर कब्जा करने के लिए चीन निरंतर कुटील चाले चल रहा है।