मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण औद्योगिक उड़ान भर रहा है। प्राधिकरण में सकारात्मक माहौल का असर है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां ग्रेटर नोएडा में आकर अपनी औद्योगिक इकाई लगा रही है। नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। उद्यमी अब बिना किसी रुकावट के अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की 29 कंपनियों को जमीन दी जा चुकी है। इससे करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। आने वाले समय में 25 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण औद्योगिक उड़ान भर रहा है। विगत कुछ समय में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र उद्यमियों और निवेशकों की पहली पसंद बन कर उभरा है। प्राधिकरण का औद्योगिक विभाग नित नये कीर्तिमान गढ़ रहा है। औद्योगिक सेक्टरों का कायाकल्प, उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान और नई योजनाओं के चलते निवेशकों का रुझान पहले के मुकाबले काफी बढ़ा है। न केवल देश की बल्कि विदेशों की बड़ी कंपनियां ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाई लगाने की इच्छुक हैं और वह आगे आ रही हैं। औद्योगिक निवेश के कई बड़े प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं और कई प्रस्ताव पाइपलाइन में है।
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होने के चलते भी ग्रेटर नोएडा की और उद्यमियों का रुझान बढ़ा है। एनजी रवि कुमार ने जब से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का चार्ज संभाला है, तब से प्राधिकरण नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। सीईओ ने सबसे पहले सेक्टर की समस्याओं का समाधान कराया। नाली, सड़क, सीवर जैसी मूलभूत जरूरत को दुरुस्त करवाया। इसका असर यह रहा कि उद्यमी अब बिना किसी रुकावट के अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। विदेशी कंपनियों के आने के रुझान को देखते हुए सीईओ ने योजनाओं का प्रचार किया। तमाम तरह की आकर्षक योजनाओं से उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में सकारात्मक माहौल का असर है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां ग्रेटर नोएडा में आकर अपनी औद्योगिक इकाई लगा रही है। कई मल्टीनेशनल कंपनियां उद्योग लगाने के लिए तैयार हैं। इन कंपनियों को जमीन आवंटित की जा रही है।
इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में 29 कंपनियों को जमीन आवंटित
ग्रेटर नोएडा की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की 29 कंपनियों को जमीन दी जा चुकी है। इससे करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। आने वाले समय में 25 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस साल अब तक आठ कंपनियों सोनानिका ट्रैक्टर्स, नोवामैक्स इंडस्ट्रीज, विशन डिस्ट्रिब्यूशन, एएनडी हाईटेक इंडस्ट्रीज, जीकेएस डिजिटल इंडिया, डीएस एनएक्सट जेन, श्रीजी डीएलएम, नेपच्यून एनर्जी आदि को जमीन आवंटित की गई है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण निमार्ता कंपनी सोनालिका टाउनशिप में अपना अनुसंधान और विकास केंद्र स्थापित करेगी। कृषि में उपयोग होने वाले ई-वाहन और उपकरणों की संभावनाओं पर भी काम करेगी। सोनालिका को 25.68 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। वहीं रेलवे के उपकरण बनाने वाली कंपनी को 5.28 एकड़ जमीन दी गई है। कोरियन कंपनी जीकेएस डिजिटल डाटा केबल बनाएगी। टाउनशिप में हायर इलेक्ट्रानिक्स समेत चार विदेशी कंपनियों में उत्पादन शुरू हो गया है।
अतिक्रमण हटाने की शुरू कर चुके हैं मुहिम
ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव उद्योग विभाग की टीम के साथ नियमित तौर पर अलग-अलग उद्यमियों और उनके संगठनों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का निस्तारण कर रहे हैं।
खरीदारों को मालिकाना हक दिलवाया
प्राधिकरण के बिल्डर डिपार्टमेंट में ने नए कीर्तिमान बनाए हैं। फ्लैट मालिकों की समस्याओं को दूर करना प्राधिकरण की प्राथमिकता में है। रुके हुए फ्लैट की रजिस्ट्री करवाने का मुद्दा हो या फिर सोसाइटी की समस्याएं सबको प्राथमिकता पर हल कराया जा रहा है। हाल ही में सूरजपुर स्थित सेक्टर साइट-सी स्थित मिगसन ग्रीन मेंशन सोसाइटी के 36 फ्लैट खरीदारों को उनके रजिस्ट्री दस्तावेज प्रदान किए गए हैं। इसी तरह कई और सोसाइटियों के खरीदारों को उनका मालिकाना हक दिलवाया है।

















