ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निपटाए एक हजार लंबित आवेदन

सीईओ ने समीक्षा बैठक में मातहतों की थपथपाई पीठ
शेष 385 ऑनलाइन आवेदनों का निस्तारण करने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण ने कोविड-19 महामारी और लॉक डाउन के मद्देनजर विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सर्विसेज की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। सीईओ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों के संबंध में हुई कार्रवाई के विषय में जानकारी ली गई। समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि सार्वजनिक एवं साप्ताहिक अवकाश में प्राधिकरण कार्यालय को खोलकर विशेष अभियान के अंतर्गत एक हजार लंबित ऑनलाइन आवेदनों को नियमानुसार निस्तारित करा दिया गया है। सीईओ नरेंद्र भूषण ने ऑनलाइन सर्विसेज की वस्तुस्थिति, लंबित प्रकरण तथा निस्तारण आदि के संदर्भ में गत 25 मई को समीक्षा बैठक की गई थी। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न विभागों के लंबित ऑनलाइन आवेदनों के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए गए थे।

सीईओ ने एक हजार लंबित ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण पर प्रशंसा जाहिर की गई। इसके लिए संबंधित विभागाध्यक्षों का आभार जताया गया। गत सप्ताह तक प्राप्त तथा वर्तमान तक शेष लंबित 385 ऑनलाइन आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश सीईओ ने दिए। वर्तमान में शेष ऑनलाइन आवेदनों में संपत्ति विभाग के 234, संस्थागत विभाग के 19, बिल्डर्स विभाग के 100 एवं उद्योग विभाग के 14 आवेदन निस्तारण के लिए लंबित हैं। इन आवेदनों की समीक्षा आगामी सप्ताह में पुन: की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने लॉकडाउन की अवधि में अपने सभी आवंटियों से आवश्यक अपील की है। प्राधिकरण द्वारा विभिन्न परिसंपत्तियों जैसे संस्थागत, वाणिज्यिक, ग्रुप हाउसिंग, आवासीय, औद्योगिक एवं आईटी, आईटीएस तथा 6 प्रतिशत आबादी के आवंटियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही 205 ऑनलाइन सर्विसेज का उपयोग कर घर बैठे आवेदन करने की अपील की गई है। प्राधिकरण के संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित समयावधि, रोस्टर के अनुरूप ऑनलाइन सर्विसेज को निस्तारित कराकर संबंधित को ई-मेल एवं व्हाट्स-अप आदि के माध्यम से अवगत करा दिया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीप चंद्र, विशेष कार्याधिकारी सचिन कुमार, एस.पी. शुक्ला, महाप्रबंधक (वित्त) एच.पी. वर्मा, महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. अरोड़ा, महाप्रबंधक (नियोजन) चंद्रकांत त्रिपाठी, उप-महाप्रबंधक (सिस्टम) तथा स्वास्थ्य, परियोजना एवं एसेट विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।