विदेशी कंपनियों को खूब लुभा रहा ग्रेटर नोएडा

कोरिया की 2 कंपनियों का भारी-भरकम निवेश का इरादा
साढ़े 3 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कारोबार के लिए विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी निरंतर बढ़ रही है। विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां वहां स्थापित हो चुकी हैं। इसी क्रम में अब कोरिया की 2 बड़ी कंपनियों ने वहां कारोबार शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इन कंपनियों ने उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि भी खरीद ली है। ग्रेटर नोएडा में यह कंपनियां करीब 433 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। नतीजन भविष्य में 3570 युवाओं को रोजगार मिलेगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के आगमन का सिलसिला बढ़ रहा है। इसके तहत अब तक 5 कोरियाई कंपनियों को लगभग 3.51 लाख वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। नई इकाइयां जल्द आरंभ हो सकेंगी। इन कंपनियों से करीब 1154 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है। इसके अलावा 8706 युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। उद्योगों को बढ़ावा देने को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण प्रयासरत है। आवेदन के 30 दिन के भीतर उद्योगों के लिए भूमि आवंटित कर दी जाती है। नतीजन कोरियाई कंपनियां ग्रेटर नोएडा में व्यापक पैमाने पर निवेश की इच्छुक नजर आ रही हैं। 3 बड़ी कंपनियां वहां पूर्व में भूमि क्रय कर चुकी हैं।

इनमें सैमक्वांग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स, केएच वैटेक इंडिया और सेनेटेक इंडिया शामिल हैं। इन कंपनियों ने अपनी ईकाई स्थापित करने का काम आरंभ कर दिया है। 2 और बड़ी कंपनियां ड्रीमटेक और स्टेरिऑन ने भी भूमि खरीदी है। कुछ दिन पहले उन्हें भूमि आवंटित कर दी गई है। दोनों कंपनियां सेक्टर ईकोटेक-10 में उद्योग लगाएंगी। दोनों कंपनियां करीब 433 करोड़ रुपये का निवेश कर 3570 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। कुछ और कोरियाई कंपनियों ने ग्रेटर नोएडा में भूमि लेने की इच्छा जाहिर की है। कुछ कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र से मुलाकात की। इन प्रतिनिधियों ने कुछ सुझाव भी दिए। इन सुझावों पर प्राधिकरण ने अमल करने का आश्वासन दिया है। बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला, प्रबंधक उद्योग मयंक श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक कपिल देव सिंह आदि मौजूद रहे।

कंपनी का नाम                               सेक्टर                          निवेश             रोजगार
सैमक्ववांग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स           ईकोटेक -10                  440 करोड़        4000
केएच वैटेक इंडिया                          ईकोटेक -6                    247 करोड़         786
सेनेटेक इंडिया                              ईकोटेक वन एक्सटेंशन         34 करोड़          350
ड्रीमटेक इंडिया                              ईकोटेक-10                    193 करोड़         2570
स्टेरिऑन इंडिया                            ईकोटेक -10                   240 करोड़         1000