नोएडा एयरपोर्ट का ट्रायल रन दिसंबर में, अप्रैल से शुरू होंगी उड़ानें

  • नियाल के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की अगुवाई में परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा

  • टर्मिनल बिल्डिंग में दिखेगी संस्कृति की झलक, बनारस के गंगा घाट दिखेंगे, आंगन भी होगा

ग्रेटर नोएडा। विमानन क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का ट्रायल रन इसी साल दिसंबर में शुरू हो जाएगा। अगले वर्ष अप्रैल में उड़ानें शुरू हो जाएंगी। एयरपोर्ट में 3900 मीटर रनवे का काम लगभग पूरा हो गया है। एटीसी में उपकरण लगाए जा रहे हैं। जबकि टर्मिनल बिल्डिंग में फिनसिंग का काम चल रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की अगुवाई में परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।

देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में बन रहा है। इसका पहला चरण 1334 हेक्टेयर में बनाया जा रहा है। स्विस कंपनी इस परियोजना को बना रही है। पहला चरण एक रनवे के साथ शुरू करने की तैयारी है। स्विस कंपनी ने भारत में काम करने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रालि (यापल) नाम से एसपीवी बनाई है। इसी के जरिये काम चल रहा है। टर्मिनल बिल्डिंग का ढांचा तैयार हो गया है। अब फिनसिंग का काम चल रहा है। छत पर काम चल रहा है। लैगेज हैंडलिंग सिस्टम पूरा होने वाला है। इस बिल्डिंग में उत्तर प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखेगी। इसको इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें बनारस के गंगा घाट दिखेंगे। इस इमारत में आंगन होगा, जहां यात्री बैठ सकेंगे।

रनवे का काम लगभग पूरा

एयरपोर्ट का पहला रनवे 3900 मीटर लंबा है। इसका काम लगभग पूरा हो गया है। रनवे मार्किंग पर काम चल रहा है। एप्रोच लाइट और एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग का काम जारी है। बहुत जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। यातायात नियंत्रण के लिए एटीसी टॉवर का काम चल रहा है। यह 38 मीटर ऊंचा और आठ मंजिला है। इसको एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया है। इसमें इंस्ट्रूमेंट लगाए जा रहे हैं। यह काम भी तेजी के साथ चल रहा है।

विमानन क्षेत्र में मील का पत्थर होगा यह एयरपोर्ट

नियाल के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट का ट्रायल रन इसी साल दिसंबर तक शुरू हो जाएगा। जबकि वाणिज्यिक परिचालन अप्रैल 2025 में शुरू होने की उम्मीद है। इसका निर्माण रिकार्ड समय में किया गया है। यह विमानन क्षेत्र में मील का पत्थर है। यह एयरपोर्ट स्विस प्रौद्योगिकी और दक्षता के साथ भारतीय गर्मजोशी और आतिथ्य का संयोजन होगा। एयरपोर्ट का पहला चरण एक रनवे, एक टर्मिनल और सालाना 12 मिलियन यात्रियों के यातायात को संभालने की क्षमता वाला होगा।

साइट पर पहुंच रहे हैं उपकरण

एयरपोर्ट के संचालन के लिए यापल ने इंडिगो और अकासा एयर के साथ समझौता कर लिया है। अन्य एयरलाइंस ने भी रुचि दिखाई है। एयरपोर्ट साइट पर उपकरण पहुंचने शुरू हो गए हैं। इसमें चेक-इन कियोस्क, स्वयं-सेवा बैग ड्रॉप और ई-गेट शामिल हैं। इनका परीक्षण किया जा रहा है।