15वें वित्त आयोग बैठक: 158 करोड़ के विकास कार्यों से बदलेगी शहर की सूरत

  • महापौर की अध्यक्षता में 15वें वित्त की बैठक, नगर आयुक्त, जीडीए वीसी, एडीएम रहे उपस्थित

  • 12 करोड़ से व्यवस्थित होगी औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें, 2 करोड़ से तिगरी गोल चक्कर पर बनेगा एंट्री गेट

  • 5 करोड़ 83 लाख के प्रकाश विभाग के कार्य स्वीकृत, दिवाली से पहले 5000 लाइटों से रौशन होगा शहर

गाजियाबाद। शहर में अब तेजी से करोड़ों रुपए से विकास कार्यों होंगे। इन विकास कार्यों के चलते आने वाले कुछ माह में शहर की सूरत बदल जाएगी। सुंदरीकरण के साथ ही बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होंगे। औद्योगिक क्षेत्र के साथ तिगरी गोल चक्कर पर भव्य एंट्री गेट भी बनेगा। साथ ही दिवाली से पहले हजारों लाइटों से शहर रौशन होगा। सड़कों के निर्माण से लेकर एंट्री गेट, गंगाजल आपूर्ति एवं दीपावली से पहले 5000 स्ट्रीट लाइटे लगाने समेत अन्य विकास कार्य नगर निगम द्वारा किए जाएंगे। वहीं, नगर निगम की नूरनगर व राजनगर एक्सटेंशन समेत अन्य क्षेत्रों में रिक्त जमीनों पर कमर्शियल दुकानों का निर्माण कराने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव को बैठक में स्वीकृति दी गई।

गुरुवार को नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में हुई 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना विकास निधि की बैठक में लगभग 158 करोड़ रुपए के प्रस्तावों पर चर्चा करने के बाद इनमें से कुछ प्रस्ताव पास किए गए। महापौर ने स्पष्ट किया कि उक्त धनराशि के सभी विकास कार्यों के प्रस्ताव पास नहीं हुए है। इनमें से कुछ प्रस्तावों की जांच करने के बाद भी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर की अध्यक्षता में हुई 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना विकास निधि की बैठक में 158 करोड़ रुपए के प्रस्ताव रखे गए। इसमें नगर निगम के निर्माण, जलकल, प्रकाश विभाग के सभी विकास कार्यों के प्रस्ताव सहमति से पास किए गए। जबकि स्वास्थ्य विभाग के प्रस्तावों की अनुमानित धनराशि अधिक होने के कारण उन पर पुन: आगणन करने के बाद ही भुगतान होगा।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया शहर के महत्वपूर्ण कार्यों को बैठक में चर्चा करते हुए स्वीकृति दी गई। जिसमें जलकल विभाग को लगभग 49 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति दी गई। विजयनगर जोन अंतर्गत 10 एमएलडी गंगा जल के कार्य को स्वीकृति मिली। इसी के साथ 30 एचपी के 6 नलकूपों को स्वीकृति मिली, वार्ड संख्या 49 में पानी के पाइपलाइन के कार्य को भी स्वीकृति मिली। इस प्रकार जलकल विभाग के लगभग 49 करोड़ के कार्यों को पास किया गया। निर्माण विभाग के अंतर्गत आंतरिक वार्डों में विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। जिसमें वार्ड संख्या 25, 64, 46, 49, 28,17, 15,73 54, 24,12, 88, 50, 69 व अन्य सड़क मरम्मत नाला व पुलिया के कार्यों को स्वीकृति दी गई। लगभग 12 करोड़ की लागत से नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाली औद्योगिक क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स के अंतर्गत सड़क सुधार के कार्य कराए जाएंगे। विजयनगर जोन अंतर्गत 2 करोड़ 83 लाख की लागत से तिगरी गोल चक्कर पर एंट्री गेट के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग के भी कार्यों को चर्चा करते हुए स्वीकृति दी गई। लगभग 11 करोड़ के कार्यों को पुन: जांच के उपरांत स्वीकृति देने के लिए रखा जाएगा, जिस पर निर्णय लिया गया। प्रकाश विभाग के कार्यों पर भी चर्चा करते हुए लगभग 5 करोड़ 83 लाख के कार्य को स्वीकृति दी गई। जिसमें खंबो तथा लाइटों पर विशेष ध्यान देने के लिए भी निर्देश दिए गए। दिवाली से पूर्ण शहर को 5000 लाइटों से सुसज्जित करने के लिए भी निर्णय लेते हुए कार्यों को स्वीकृति दी गई।

राजनगर एक्सटेंशन व अन्य क्षेत्रों में कमर्शियल दुकान बनाने के लिए भी निर्णय लिया गया और प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस प्रकार नगर निगम सीमा अंतर्गत शहर हित में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए 15 वित्त एवं अवस्थापना निधि तथा एयर क्वालिटी के कार्यों को स्वीकृति दी गई। महापौर ने बताया पार्षदों की मांग पर दिवाली से पहले सभी वार्डों में 50-50 स्ट्रीट लाइट यानी कि 5000 लाइटें लगेंगी। अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भी नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए पास किए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के भी कार्यों को चर्चा करते हुए स्वीकृति दी गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के लगभग 11 करोड़ रुपए के कार्यों को पुन: जांच कराने के उपरांत ही स्वीकृति देने के लिए रखा जाएगा।