8 दिसंबर से श्रीमद् भागवत कथा, 51 कुण्ड महायज्ञ का आयोजन

-यज्ञ औैर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करें से होगा विश्व का उद्वार: पं मनोज कृष्ण शास्त्री

ग्रेटर नोएडा। अपने पितरों की एवम् विश्व शांति-कल्याण एवम् समृद्धि प्राप्ति के लिए अष्टोतरशत (108) श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का 8 दिवसीय 51 कुण्ड आयोजन किया जाएगा। श्री शिव हनुमत धाम (कष्ट निवारण धाम) नवाग्रह मन्दिर खेड़ा हाथीपुर गौतमबुद्ध नगर में 8 दिसंबर से 16 दिसंबर तक अष्टोतरशत (108) श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मूल पाठ सुबह 7 से 9 बजे, यज्ञ 9.30 बजे से 11. 30 बजे, कथा/प्रवचन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक, मूल पाठ दोपहर 3 बजे से 5. 30 बजे तक, पूर्ण आहूति/ आरती सायं 5.30 से 6.30 बजे तक प्रतिदिन किया जाएगा एवं 16 दिसंबर को आहूति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जिसका प्र्रसारण आस्था पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में यजमान बनने के लिए अपना कुंड बुक कर सकते है।
अध्यक्ष पं. श्री मनोज कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने बताया कि 8 दिसंबर अष्टोतरशत (108) श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जो कि 16 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा एवं यज्ञ का उद्देश्य विश्वशांति व विश्व कल्याण की कामना करना है। यज्ञ से विश्व का कल्याण होता है। यज्ञ से ही सभी जीवों की उत्पत्ति होती है। जब यज्ञ में आहुति दी जाती है तब धुंआ निकलता है। धुंआ से बादल बनता है और बादल से वर्षा होती है। फिर वर्षा से फसल की उत्पत्ति होती है। फिर सभी जीवों की उत्पत्ति होती है। भगवान की भी उत्पत्ति यज्ञ से ही हुई है यदि यज्ञ न हो तो मेरी भी और आपकी भी उत्पत्ति नहीं होगी। यज्ञ ही मात्र एक उपाय है, जिसमें समस्त प्राणियों का ही नहीं विश्व के सभी प्राणियों का कल्याण होता है।
पं. श्री मनोज कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने बताया श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते हैं। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। इस कार्यक्रम में समिति के सदस्य कपिल नागर, फिरेराम खारी, संजीव खारी, मनोज नागर, मनोज तवर (मंत्री)] नरेंद्र राठी, राहुल लोहिया, शनितेगा प्रधान, तेजेंद्र नागर आदि का सहयोग रहेगा।